अटूट बंधन
अभी तो में जवान हूँ
जब पचपन के घरघाट भयन, तब देखुआ आये बड़े – बड़े। हम सादी से इनकार कीन, सबका लौटारा खड़े – खड़े॥ कविता …
ठकुराइन का बेटा
क्या प्रेम व्यक्ति को बदल देता है ? व्यक्ति के संस्कार में उसके आस -पास के लोगों का व्यवहार भी …
ओटीटी (ओवर-द-टॉप):- एंटरटेनमेंट का नया प्लेटफॉर्म
ओवर-द-टॉप (ओटीटी) मीडिया सेवा ऑनलाइन सामग्री प्रदाता है जो स्ट्रीमिंग मीडिया को एक स्टैंडअलोन उत्पाद के रूप में पेश करती …
हंसते जख्म
विवाह एक ऐसी गांठ, जिसमें दो लोग एक -दूसरे के साथ जिंदगी भर हर लम्हा प्यार के, अपनेपन के , …
दूसरी पारी – समीक्षा
कुछ दिनों पहले एक साझा संस्मरण संग्रह ‘दूसरी पारी’ मेरे हाथ आई थी। समयाभाव या अन्य कारणों से पढ़ने का …
प्रश्न चिन्ह …आखिर क्यों?…. कटघरे में खड़े मिथकीय पात्र
प्रश्नों से परे कोई भी नहीं है …ना मैं, ना आप और ना ही हमारे मिथकीय पात्र | …
बंद दरवाजों का शहर – आम जीवन की खास कहानियाँ
आज बात करते हैं सशक्त कथाकार, उपन्यासकार रश्मि रविजा जी के कहानी संग्रह “बंद दरवाजों का शहर” की | यूँ …
बिना पढ़ें कबीर दास जी को ज्ञान कहाँ से मिला
“मसि कागद छूऔं नहीं, कलम गहौं नहि हाथ चारों जुग कै महातम कबिरा मुखहिं जनाई बात” इसका …
हिंदी कविता में आम आदमी
हिंदी कविता ने बहुधर्मिता की विसात पर हमेशा ही अपनी ज़मीन इख्तियार की है। इस बात की पुष्टि हर युग …
शिलाएं मुस्काती हैं-प्रेम के भोजपत्र पर लिखीं यामिनी नयन की कविताएँ
नारी की काया में प्रवेश कर कोई भी रचनाकार स्त्री की पीड़ा को उतनी साफगोई से व्यक्त नहीं कर …
लैण्ड स्लाइड
लैंड स्लाइड या भूस्खलन -ठोस चट्टान अथवा शैल यदि अचानक ढलान पर फिसल जायें तो उसको भू-स्खलन कहते हैं । …
अपेक्षाओं के बियाबान-रिश्तों कि उलझने सुलझाती कहानियाँ
डॉ. निधि अग्रवाल ने अपने अपने पहले कहानी संग्रह “अपेक्षाओं के बियाबान” से साहित्य के क्षेत्र में एक …
हारने से पहले
जीवन में हम कितनी ही बार परेशान होकर कहते हैं, “ये जीना भी कोई जीना है”या “इससे तो मौत भली” …
कमरा नंबर 909-दर्शनिकता को समेटे सच कि दास्तान
– डॉ. अजय कुमार शर्मा डॉक्टर होने के साथ-साथ एक संवेदनशील साहित्यकार भी हैं | इसका पता उनकी रचनाओं को …
अर्नेस्ट हेमिंग्वे की कहानी- दिन भर का इंतजार
आज हम कोरोना वायरस से जूझ रहे हैं | पर ये कहानी फ्लू कि कहानी है | जाहिर है उसका …
श्री राम के जीवन मूल्यों की धरोहर बच्चों को सौंपती -श्री राम कथामृतम
“ राम तुम्हारा चरित स्वंय ही काव्य है, कोई कवि बन जाय सहज संभाव्य है।“ मैथिली शरण …