कहानी
साला फटीचर
सफलता किसी खास पद या पैकेज को प्राप्त करना नहीं है |हर वो व्यक्ति सफल है जो अपने मन के …
छोटी सी उलझन
स्त्री विमर्श के इस दौर में एक मांग पुरुष विमर्श की भी उठने लगी है | ऐसा रातों -रात नहीं …
मैं जिंदा हूँ..
विज्ञान कहता है कि पेड़ -पौधे भी हमारी तरह सजीव होते हैं .. बढ़ते हैं, खिलते हैं और अपना वंश …
वो स्काईलैब का गिरना
आज हम कोरोना की आपदा से घिरे हुए अपने –अपने घरों में कैद हैं और ये दुआएं कर रहे हैं …
पौ फटी पगरा भया
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है | समाज में कई रिश्तों के बीच उनका जन्म होता है और जीवन पर्यन्त इस …
एक्शन का रिएक्शन
न्यूटन का तीसरा नियम ऐक्शन का रिऐक्शन प्रकृति में ही इंसानी जिंदगी में भी काम करता है | अब आम …
परछाइयों के उजाले
प्रेम को देह से जोड़ कर देखना उचित नहीं पर समाज इसी नियम पर चलता है | स्त्री पुरुष मैत्री …
अगस्त के प्रेत -अनूदित लातिन अमेरिकी कहानी
भूत होते हैं कि नहीं होते हैं इस बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता |परन्तु भूतिया …
ऊँटकी करवट
ऊँट किस करवट बैठता है यह बहुत ही प्रसिद्द मुहावरा है | ये एक संदेह की स्थिति है | दरअसल …
मन की गाँठ (कोरोना इफ़ेक्ट )
ये समय जब इतिहास में लिखा जाएगा तो शायद कोरोना काल के रूप में जाना जाएगा | साहित्य पर समय …
कॉफी, ताज और हरी आंखों वाला लड़का!
सुधांशु गुप्त जी की कई कहानियाँ पढ़ी हैं और पसंद भी की | उनकी कहानियों में एक खास बात है …
“हाँ…नपुंसक हूँ मैं”
राजीव तनेजा जी एक ऐसे व्यंगकार जो आस पास की घटनाओं से ताना -बाना उठाकर व्यंग -कथा को बुनते हैं …