कानपुर में धनुक की गूँज –एक विस्तृत रिपोर्ट

कानपुर में धनुक की गूँज कानपुर एक ऐसा शहर जो चारों तरफ से गाँवों से घिरा हुआ  हुआ है | आम बोली-बानी में सहज ही देशज शब्द शामिल हैं | उत्तर प्रदेश की देशी  संस्कृति से धडकता है इसका दिल |  वैसे आम तौर पर  कानपुर की पहचान उत्तर के प्रमुख औद्योगिक शहर के रूप … Read more

Share on Social Media

वंदना कटोच – 60 % लाने पर अपने बेटे को बधाई देने वाली माँ की पोस्ट हुई वायरल

फोटो -पंजाब केसरी से साभार फेसबुक पर एक माँ ने अपने बेटे को 60 % मार्क्स लाने पर बधाई दी , तब उन्हें नहीं पता था कि उनकी यह पोस्ट लाखों लोगों की जुबान बन जायेगी | उनकी यह पोस्ट वायरल हुई है | इस पोस्ट के 7000 से ऊपर शेयर , एक हज़ार से … Read more

Share on Social Media

जानिये प्यार की 5 भाषाओँ के बारे में

    हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू , फ़ारसी , लैटिन या फ्रेंच …. कितनी भी भाषाएँ आती हो मगर , प्यार की भाषा नहीं आती तो रिश्तों के मामले में तो शून्य ही रह जाते हैं | आप सोच सकते हैं कि ऐसा भला कौन हो सकता है जिसे प्यार की भाषा ना आती हो … … Read more

Share on Social Media

अटूट रिश्तों पर 15 अनमोल विचार

हम सब चाहते हैं की हमारे रिश्ते अटूट बंधन में बंधे रहे | इसके लिए प्रयास भी करते हैं |कभी सफल होते हैं कभी असफल | कुछ बाते हैं जो आपके रिश्तों को अटूट बंधन में बांधती हैं | आइये जाने ऐसी ही बातें … जानिये अटूट रिश्तों पर 15 अनमोल विचार  1) किसी के … Read more

Share on Social Media

अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस -परिवार में अपनी भूमिका के प्रति सम्मान की मांग

  मिसेज गुप्ता कहती हैं की उस समय परिवार में सब  कहते थे, “लड़की है बहुत पढाओ  मत | एक पापा थे जिन्होंने सर पर हाथ फेरते हुए कहा, “तुम जितना चाहो पढो” |   श्रीमती देसाई बड़े गर्व से बताती हैं की उनका भाई शादी में सबसे ज्यादा रोया था | अभी भी हर … Read more

Share on Social Media

मृत्यु – शरीर नश्वर है पर विचार शाश्वत

  मृत्यु जीवन से कहीं ज्यादा व्यापक है , क्योंकि हर किसी की मृत्यु होती है , पर हर कोई जीता नहीं है -जॉन मेसन                                             मृत्यु …एक ऐसे पहेली जिसका हल दूंढ निकालने में … Read more

Share on Social Media

अटूट बंधन

अटूट बंधन ब्लॉग की नींव “सर्वजन हिताय , सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित हो कर रखी गयी है | इसके मुख्य उद्देश्य निम्न हैं … हमारे जीवन में रोटी कपडा और मकान के बाद जो चीज सबसे महत्वपूर्ण होती है ,वो है हमारे रिश्ते | जहाँ रोटी कपडा और मकान भैतिक आवश्कताओं के लिए … Read more

Share on Social Media

अटूट बंधन वर्ष- २ अंक – ६ अनुक्रमाणिका

अटूट बंधन वर्ष -२ अंक -६ अनुक्रमाणिका 1)सम्पादकीय – नजरिया बनाता है विजेता 2 )कार्यकारी संपादक का सम्पादकीय – समग्र जीवन की सफलता नवरात्रों पर विशेष – कन्या पूजन का महत्व्  – निवेदिता श्रीवास्तव लखनऊ 3 )व्यक्तित्व विकास – दूर करतें व्यक्तित्व के ५ दोष – डॉ . कमलेश निगम ,मुंबई 4 )राम नाम जप … Read more

Share on Social Media

अटूट बंधन वर्ष -२ अंक -४ , अंक -१६ अनुक्रमणिका

अटूट बंधन वर्ष -२ अंक -४ , अंक -१६ अनुक्रमणिका *सम्पादकीय –जिंदगी का हिस्सा है स्पीड ब्रेकर *सम्पादकीय (कार्यकारी संपादक )- नगर ढिंढोरा पीटती प्रीत न करियो कोय *खुद मर कर ही मिलता है स्वर्ग – डॉ तेजबहादुर सिंह –बिहार *रोग भय  पर टिका सेहत का कारोबार –डॉ अलका खत्री –चंडीगढ़ *आवरण कथा –प्रेम में … Read more

Share on Social Media

लवली पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि अटूट बंधन की कार्यकारी संपादक वंदना बाजपेयी के उदगार : सपनों को जीने के लिए जरूरी है जूनून

सपनों  को जीने के लिए जरूरी है जूनून | उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चे की आँखों में हजारों सपने होते हैं , वो सफल होना चाहता है | पर सफलता के लिए सिर्फ सपने देखने से काम नहीं चलता क्योंकि सपनों में जीने और सपनों को जीने में जमीन आसमान … Read more

Share on Social Media