आत्मसम्मान (लघुकथा)
‘तो क्या हो गया बेचारी विधवा है खुश हो जाएगी |’ ये शब्द जैसे ही सोनम के कानो में पढ़े सहसा उसके कदम रूक गये दरअसल उसकी भाभी उसके भाई द्वारा उसे दिए गये उपहार की उलाहना दे रही थी | अभी कुछ तीन साल पहले ही सोनम का विवाह सार्थक से हुआ था | … Read more