सपने देखना भी एक हुनर है

    कौन है जो सपने नहीं देखता , पर क्या हमारे सब सपने पूरे होते हैं |  कुछ लोग जीवन में आने वाली समस्याओं से विशेष रूप से आर्थिक समस्याओं से घबराकर अपने ख़र्चों में कटौती करने और अपने सपनों का गला घोंटने में लग जाते हैं। क्या आप को पता है की पूरे … Read more

Share on Social Media

अपरिग्रह -वस्तुओं से अत्यधिक प्यार रिश्तों व् मानवता के लिए खतरा

प्रायः ऐसी घटनाएँ देखने-सुनने में आती हैं कि किसी नौकर से कोई चीज़ टूट गई या कुछ नुक़सान हो गया तो मालिक द्वारा उसको अमानवीय यातनाएँ दी गईं। पिछले दिनों ऐसे मामले भी प्रकाश में आए हैं कि ऐसी यातनाओं के कारण नौकर या नौकरानी की मृत्यु तक हो गई। घर के बच्चे विशेष रूप … Read more

Share on Social Media

दुख से बाहर आने का प्रयास है संघर्ष

     जीवन के हर मोड़ पर कोई न कोई विषमता, कोई न कोई अभाव मुँह उठाए ही रहता है। किसी का बचपन संघर्षों में गुज़रता है तो किसी की युवावस्था। कोई अधेड़ावस्था में अभावों से जूझ रहा है तो कोई वृद्धावस्था में एकाकीपन की पीड़ा का दंश भोगने को विवश है। हम सबका जीवन … Read more

Share on Social Media

चलो चाय पीते हैं

चलो चाय पीते हैं … दो लोग कभी भी इत्मीनान से बैठ कर बात करना कहते हैं तो सबसे पहली बात याद आती है चाय |पर हम में से अक्सर लोग ये नहीं जानते की सुबह – सुबह जिस चाय की तलब हमें लगती है वो न सिर्फ चुस्ती फुर्ती देने वाली बल्कि फायदेमंद भी … Read more

Share on Social Media

शुभ या अशुभ मुहूर्त नहीं, कार्य होते हैं शुभ अथवा अशुभ

सीताराम गुप्ता, दिल्ली      अधिकांश लोगों का मत है कि किसी भी कार्य को सही अथवा शुभ मुहूर्त में ही किया जाना चाहिए क्योंकि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों में ही अपेक्षित पूर्ण सफलता संभव है अन्यथा नहीं। मोटर गाड़ी या प्राॅपर्टी खरीदनी हो, मकान बनवाना प्रारंभ करना हो, गृह प्रवेश करना हो … Read more

Share on Social Media

बुजुर्गों को दें पर्याप्त स्नेह व् सम्मान

सीताराम गुप्ता, दिल्ली      आज दुनिया के कई देशों में विशेष रूप से हमारे देश भारत में बुज़ुर्गों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में उनकी समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान देना और उनकी देखभाल के लिए हर स्तर पर योजना बनाना अनिवार्य है। न केवल सरकार व समाजसेवी संस्थाओं … Read more

Share on Social Media

हमेशा खुश रहने के लिए अपनाएं 15 आदतें

सीताराम गुप्ता कौन है जो प्रसन्न रहना नहीं चाहता? हम सभी प्रसन्न रहना चाहते हैं। प्रसन्न रहने के लिए क्या कुछ नहीं करते लेकिन फिर भी कई बार सफलता नहीं मिलती। जितना प्रसन्नता की तरफ़ दौड़ते हैं प्रसन्नता और हममें अंतर बढ़ता जाता है। यदि जीवन में सचमुच प्रसन्न रहना चाहते हैं और हमेशा प्रसन्न … Read more

Share on Social Media

दिल्ली की सड़कों पर भिखारियों की वजह से भी रहता है जाम और जाम से होता है बेतहाशा प्रदूषण

सीताराम गुप्ता,      दिल्ली में प्रदूषण का एक मुख्य कारण है वाहनों की बहुत ज़्यादा संख्या। यह स्थिति दिल्ली व एनसीआर के लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। यहाँ वाहन चलते नहीं रेंगते हैं। वाहनों के एक निश्चित अपेक्षित गति से कम गति पर चलने से न केवल हवा … Read more

Share on Social Media

ग़लत होने पर भी जो साथ दे वह मित्र नहीं घोर शत्रु है

     कई लोग विशेष रूप से किशोर और युवा फ्रेंडशिप डे का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। हर साल उसे नए ढंग से मनाने का प्रयास करते हैं ताकि वो एक यादगार अवसर बन जाए। क्यों मनाया जाता है फ्रेंडशिप डे? फ्रेंडशिप वास्तव में क्या है अथवा होनी चाहिए इस पर कम ही सोचते … Read more

Share on Social Media

उर्दू शायर शुजाअ ‘ख़ावर’ की चुनिंदा शायरी

आलेख, संकलन, लिप्यंतरण एवं प्रस्तुति: सीताराम गुप्ता दिल्ली  जीवन परिचय  पूरा नाम: शुजाउद्दीन साजिद पैदाइश: 24 दिसंबर सन् 1946 को दिल्ली में  वालिद का नाम: जनाब अमीर हुसैन तख़ल्लुस: शुजाअ ‘ख़ावर’  मुलाज़मत: पहले दिल्ली के एक काॅलेज में अंग्रेज़ी के लेक्चरर मुकर्रर हुए और बाद में आई.पी.एस. इम्तिहान पास करने के बाद 20 साल तक … Read more

Share on Social Media