अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक आम औरत की डायरी

अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस

सुना है आज अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस है। सोशल मीडिया से पता चला है। सोमेश और बच्चों ने भी विश किया है, तो होगा ही। विश करने के साथ कुछ अच्छा बनाने की फरमाइश भी है। अब इसमें गलत क्या है? त्योहारों पर कुछ अच्छा बना लेने की आदत से स्त्री इतना जुड़ गई है कि … Read more

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आजादी से निखरती बेटियाँ  

  कुछ दिन पहले एक मौल में शौपिंग कर रही थी कि पांच वर्ष से नौ दस वर्ष की तीन बहनों को देखा जो अपने पिता के पीछे पीछे चल रहीं थी. रैक पर सजे सामानों को छूती और ललचाई निगाहों से पिता की ओर देखती और झट से उसे छोड़ दूसरे चीजों को निहारने … Read more

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थप्पड़- घरेलू हिंसा का मुखर विरोध जरूरी

  “थप्पड़ से डर नहीं लगता साहेब, प्यार से लगता है” दबंग फिल्म का ये डायलॉग भले ही प्रचलित हुआ हो पर थप्पड़ से भी डरना चाहिए | खासकर जब वो घरेलु हिंसा में एक हथियार की तरह इस्तेमाल हो | इसी विषय पर तापसी पन्नू की एक फिल्म आने वाली है “थप्पड़”| फिल्म का … Read more

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भागो लड़कियों अपने सपनों के पीछे भागो

अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के विधायक की पुत्री साक्षी के भागकर अजितेश से विवाह करने की बात मीडिया में छाई हुई है | भागना एक ऐसा शब्द है जो लड़कियों के लिए ही इस्तेमाल होता है | जब लड्का अपने मन से विवाह करता है तो भागना शब्द इस्तेमाल नहीं होता है | … Read more

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प्रो लाइफ या प्रो चॉइस …स्त्री के हक़ में नहीं हैं कठोर कानून

माँ बनना दुनिया के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक है | किसी कली  को अपने अंदर फूल के रूप में विकसित होते हुए महसूस करने का अहसास बहुत सुखद है | कौन स्त्री है जो माँ नहीं बनना चाहती | फिर भी कई बार उसे ग्राभ्पात करवाना पड़ता है | गर्भपात का दर्द बच्चे को … Read more

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दहेज़ नहीं बेटी को दीजिये सम्पत्ति में हक

                    हमारी तरफ एक कहावत है , “ विदा करके माता उऋण हुई, सासुरे की मुसीबत क्या जाने” अक्सर माता –पिता को ये लगता है कि हमने लड़के को सम्पत्ति दी और लड़की को दहेज़ न्याय बराबर , पर क्या ये सही न्याय है ?  दूसरी … Read more

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बालात्कार का मनोविज्ञान और सामाजिक पहलू

इज्जत के ऐसा शब्द जो सिर्फ औरतों के हिस्से में आया है …..घर के मर्दों का सबसे बड़ा दायित्व भी अपने घर की औरतों की इज्जत बचाना ही है | महिलाएं और इज्जत के ताने -बाने से बुनी सामाजिक सोच से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं कि वो बालात्कार पीड़िता  के साथ खड़ा हो … Read more

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#Metoo से डरें नहीं साथ दें

#Metoo के रूप में समय अंगडाई ले रहा है | किसी को ना बताना , चुप रहना , आँसू पी लेना इसी में तुम्हारी और परिवार की इज्ज़त है | इज्ज़त की परिभाषा के पीछे औरतों के कितने आँसूं  कितने दर्द छिपे हैं इसे औरतें ही जानती हैं | आजिज़ आ गयी हैं वो दूसरों … Read more

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#metoo -सोशल मीडिया पर दिशा से भटकता अभियान

सबसे पहले तो आप सब से एक प्रार्थना जो भी अपना दर्द कह रहा है चाहे वो स्त्री हो , पुरुष हो , ट्रांस जेंडर हो या फिर एलियन ही क्यों ना हो उसे कहना का मौका दें , क्योंकि यौन शोषण एक ऐसा मुद्दा है जिस के ऊपर बोलने से पहले शोषित को बहुत … Read more

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प्रथम गुरु

अक्सर ऐसा कहा जाता है कि बालक की प्रथम गुरु उसकी माता होती है परंतु मैं इस बात से सहमत नहीं हूं। माता भी एक इंसान है और उसके अपने सुख-दुख हैं । कुछ चीजों से वह विचलित हो सकती है , कभी वह उद्वेलित भी हो सकती है । लेकिन उसको गुरु रूप में … Read more

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