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सेंटा क्लॉज आएंगे

                               

सेंटा क्लॉज आएंगे

                                                            कहते हैं आस्था का कोई रूप नहीं होता आकार नहीं होता | पर वो हमारे मन में गहरे कहीं निवास करती है और समय समय पर चमत्कार भी दिखाती है | इसी आस्था और विश्वास पर आइये पढ़ें ….

Santa claus aayenge-  Hindi story on faith 

दिव्या क्रिसमस की तैयारी के लिए स्टार्स , क्रिसमस ट्री बैलून्स व् गिफ्ट्स खरीद रही थी | तभी स्वेता जी दिख गयीं |  देखते ही बोलीं ,” अरे , आप ये सब खरीद रही हैं | आप तो क्रिस्चियन नहीं हैं | दिव्या ने मुस्कुरा कर कहा हां , पर मेरे घर में भी सेंटा क्लॉज  आते हैं | इससे पहले की वो कुछ कहतीं दिव्या उन्हें उनके सवालों के साथ छोड़ कर आगे बढ़ गयी |

                                       घर आ कर उसने सामान रख दिया और बालकनी में चाय का प्याला ले कर बैठ गयी |  चाय की चुस्कियों के साथ वो उस दिन को याद करने लगी जब उसने पहली बार क्रिसमस मनाई थी | तब गौरांग मात्र ३ साल का था | उसने जिद की थी कि हमारे घर में भी क्रिसमस ट्री , स्टार्स सजाये जायेंगे | सेंटा क्लाज आयेंगे | वो गिफ्ट देंगे |

वो भी बच्चे का मन रखने के लिए सब सामान ले आई | २२ को नितिन को ऑफिस के टूर  पर जाना था | उनका मन भी जाने का नहीं कर रहा था | पर  जाना जरूरी था | इधर नितिन गए उधर गौरांग को तेज जापानी  बुखार ने घेर लिया | पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उस इलाके में जापानी बुखार का प्रकोप रहता  रहा है | कई मासूम बच्चों को इसने  कभी सपने न देखने वाली गहरी नीद में सुला दिया था | दिव्या बेहद डर  गयी | पर गौरांग सेंटा क्लाज आयेंगे,  इसलिए क्रिसमस सेलिब्रेट करने  की जिद करता रहा | हलकी बेहोशी में भी उसकी फरमाइश जारी रही | मन न होते हुए भी दिव्या ने क्रिसमस ट्री पर गिफ्ट्स से सजा दिया |

दवा ने थोडा असर किया | गौरांग थोडा सा चैतन्य हुआ | २४ दिसबर की शाम को गौरांग जिद कर रहा था ,” मम्मा , आप खिड़की मत बंद करना सेंटा क्लॉज आयेंगे | अगर खिड़की बाद होगी तो वो अन्दर कैसे आयेंगे | गिफ्ट कैसे देंगे | वो उसको समझाती रही की सर्दी है  , तुम्हे बुखार है , हवा लग जायेगी | इसे बंद कर लेने दो | पर गौरांग रोता रहा … जिद करता रहा | थोड़ी देर में गौरांग की हालत बिगड़ने लगी | डॉक्टर ने हालत क्रिटिकल बतायी | और उसे हॉस्पिटल में एडमिट कर के दिव्या को कुछ जरूरी सामन लाने को कहा |

घबराई सी दिव्या घर गयी | सामान थैले में भरते हुए उसकी नज़र बेड रूम की खिड़की पर गयी | न जाने क्या सोंच कर उसके दोनों हाथ जुड़ गए ,” हे सेंटा मेरे बच्चे का जीवन मुझे गिफ्ट में दे दो | फिर आंसूं पोंछती हुई वो घर में ताला लगा कर हॉस्पिटल पहुंची | सारी रात मुश्किल से कटी | सुबह डॉक्टर ने गौरांग को आउट ऑफ़ डेंजर घोषित कर दिया | दिव्या ने चैन की सांस ली |

                                 जब गौरांग को ले कर वो वापस घर आई तो  क्रिसमस गुज़र चुका था पर बेड रूम की खिड़की अभी भी खुली थी | खुली खिड़की देख गौरांग चहक कर बोला ,” मम्मा क्या सेंटा  क्लॉज आये थे ?उसने गौरांग का माथा चूमते हुए कहा ,” हां बेटा , सच में आये थे |
तो उन्होंने गिफ्ट में क्या दिया ? गौरांग ने रोमांचित होते हुए पूंछा
उन्होंने गिफ्ट में तुम्हे दिया .. दिव्या ने उत्तर दिया |
मुझे … गौरांग को बहुत आश्चर्य हुआ |
                                            पर दिव्या को  उसके बाद हर क्रिसमस को  सेंटा क्लॉज का इंतज़ार रहने लगा | वो हर क्रिसमस पर इस विश्वास के साथ स्टार्स व् ट्री सजाती कि … सेंटा क्लॉज़ आयेंगे |इसलिए तो हर क्रिसमस की ठीक एक रात पहले वो बेड रूम की खिड़की खोल कर तारों में कहीं सेंटा क्लॉज को ढूंढते हुए उन्हें धन्यवाद देना नहीं भूलती हैं |

नीलम गुप्ता
उसकी मौत

झूठा

सफलता का हीरा

पापा ये वाला लो

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जिस तरह एक स्वस्थ रिश्ते की नींव आपसी विश्वास और समझदारी पर टिकी होती है, उसी तरह परिवार की आर्थिक सेहत के लिए भी सूचित और सतर्क फ़ैसले ज़रूरी हैं। डिजिटल युग में नए-नए वित्तीय विकल्प लगातार उभर रहे हैं, और जो लोग इनकी बारीकियों को समझना चाहते हैं, वे अक्सर bitcoin sázení जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी पढ़ते हैं। हालाँकि, यह कभी न भूलें कि सट्टेबाज़ी में हमेशा जोखिम शामिल होता है और इसे कभी भी आय या पैसा कमाने के भरोसेमंद साधन के रूप में नहीं देखना चाहिए — बेहतर यही है कि ऐसे विकल्पों में केवल उतना ही शामिल हों, जितना आप खोने का खर्च उठा सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर किसी जानकार से सलाह ज़रूर लें।