Hindi poem kites
उडाई जाती हैं
न सिर्फ जी बहलाने के लिए
बल्कि आसमान पर परचम लहराने के लिए
कि आसमानों पर कब्जा करने की रणनीति
जमीनों पर तैयार होती है
तय किये जाते हैं पेंच लड़ाने के तरीके
युद्ध की रणनीति
लटाई सौपी जाती है विश्वास पात्र साथी के हाथ
वही देता है कसाव और ढील
नेस्तनाबूत करने की ख्वाइशे
ढूढती हैं शिकार
कोई खतरनाक मांजा
जिसने लपेट लिया है धारदार सीसा
अपने चारों ओर
जो दिखता नहीं पर काट देता है
किसी भोले मुलायम मांजे का सर
आह !कर गिरती है कट कर मासूम
और तन जाती है विजयी पतंग
अपनी आसमानी सत्ता पर
इस बात से बेखबर
कि आ रही है एक और पतंग पेंच लड़ाने को
जिस के मांजे पर लिपटे शीशे की धार शायद ज्यादा है
जो पलट देगा इतिहास
तो क्या !
ऐसे ही तो सदा से खेले जाते रहे है
जमीनों से आसमानी खेल
मेरे ब्लॉग अपना आकाश से
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