темп на довгому трейловому підйомі

लघुकथा -कलियुगी संतान



लघुकथा -कलियुगी संतान

गली मे गठिया पीडित बुढिया घूमते घूमते थक गयी और धीरे धीरे चलते हुऐ मेरे पास आकर सुस्ताने लगी। मैने पूछ ही लिया_क्या हुआ? आंखो मे आंसू भर कहने लगी,,, बहन जी मै छह छह बेटो की मां हूं फिर भीबूढे पति संग अलग रह रही हूं।



सारे बेटे अपने वीवी बच्चो संग मस्त है! हमने कया खाया क्या नही। कपडे धुले या नही। उन्हे कोई मतलब नही। मै गठिया के मारे कपडे धो नही पाती। काम होता नही। करना पडता है। फिर भी मेरे बेटे मुझसे कुछ ना कुछ धन मांगते रहते है। कहते है मां के पास बहुत पैसा है। मैने कहा हां बेटा, हमने साथ तो ले जाना नही, उसी को देगे सारा कुछ जो हमारी सेवा करेगा।

बहन जी, बुढापा इतना बुरा नही,, ये तो सब को आना है,! बेटे बहू का साथ मिले तो बहुत सा काम हम बैठै बैठै भी निपटा देगे। पर बहू बेटे को आजादी चाहिये इसीलिये संग रहकर खुश नही। उसकी बाते सुनकर मन भर आया मै सोच रही थी एक मां छह बच्चो को पाल लेती है और छह बच्चे मिलकर भी एक मां को नही पाल सकते। कैसी समय की गति है? कैसी है ये आजकल की कलियुगी औलाद?

रीतू गुलाटी*ऋतु*

लेखिका
यह भी पढ़ें ……….




आपको आपको    लघुकथा -कलियुगी संतान कैसी लगी   | अपनी राय अवश्य व्यक्त करें | हमारा फेसबुक पेज लाइक करें | अगर आपको “अटूट बंधन “ की रचनाएँ पसंद आती हैं तो कृपया हमारा  फ्री इ मेल लैटर सबस्क्राइब कराये ताकि हम “अटूट बंधन”की लेटेस्ट  पोस्ट सीधे आपके इ मेल पर भेज सकें 
keywords: short stories , very short stories, child
Share on Social Media

Comments are closed.

error:

जिस तरह एक स्वस्थ रिश्ते की नींव आपसी विश्वास और समझदारी पर टिकी होती है, उसी तरह परिवार की आर्थिक सेहत के लिए भी सूचित और सतर्क फ़ैसले ज़रूरी हैं। डिजिटल युग में नए-नए वित्तीय विकल्प लगातार उभर रहे हैं, और जो लोग इनकी बारीकियों को समझना चाहते हैं, वे अक्सर bitcoin sázení जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी पढ़ते हैं। हालाँकि, यह कभी न भूलें कि सट्टेबाज़ी में हमेशा जोखिम शामिल होता है और इसे कभी भी आय या पैसा कमाने के भरोसेमंद साधन के रूप में नहीं देखना चाहिए — बेहतर यही है कि ऐसे विकल्पों में केवल उतना ही शामिल हों, जितना आप खोने का खर्च उठा सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर किसी जानकार से सलाह ज़रूर लें।