темп на довгому трейловому підйомі

योग- न हमारे राम और न तुम्हारे रहीम का है


योग- न हमारे राम और न तुम्हारे रहीम  का है

योग एक ऐसे प्रक्रिया है जो तन के साथ मन को भी स्वस्थ करती है | इसके महत्व को समझते हुए इसे अपनाने पर जोर देने के लिए २१ जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया है |



योग- न हमारे राम और न तुम्हारे रहीम का है


योग———-
न हमारे
राम और न तुम्हारे रहीम का है।

रुग्ण मन,रुग्ण काया किस काम का बोलो,
शरीर,शरीर पहले है ये कहां——–
किसी हिन्दू या मुसलमान का है।
योग———-


न हमारे
राम और न तुम्हारे रहीम का है।
आओ इसके आसन मे प्रेम है अपना ले,
स्वस्थ रहेगे ये मन सभी बना ले,
आखिर घर-घर है दवाखाना नही——
किसी वैद्य या हकिम का है।
योग———-
न हमारे
राम और न तुम्हारे रहीम का है।
इसे घूँघट या पर्दानश़ी औरत मे हरगिज़ न बाँटिये,
क्योंकि योग———
हर शख्स़ और तंजीम का है।
योग——-
न हमारे
राम और न तुम्हारे रहीम का है।
पुरी दुनिया हो उठी है कायल,
इसका फक्र है हमें,
क्योंकि हमारा योग एै”रंग”——-
न किसी रसिया न किसी चीन का है।
योग——-
न हमारे
राम और न तुम्हारें रहीम का है।

@@@रचयिता—–रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)

कवि

यह भी पढ़ें ……….

आपको      योग- न हमारे राम और न तुम्हारे रहीम  का है  कैसा लगा    | अपनी राय अवश्य व्यक्त करें | हमारा फेसबुक पेज लाइक करें | अगर आपको “अटूट बंधन “ की रचनाएँ पसंद आती हैं तो कृपया हमारा  फ्री इ मेल लैटर सबस्क्राइब कराये ताकि हम “अटूट बंधन”की लेटेस्ट  पोस्ट सीधे आपके इ मेल पर भेज सकें |

filed under: international yoga day, yoga

Share on Social Media
error:

जिस तरह एक स्वस्थ रिश्ते की नींव आपसी विश्वास और समझदारी पर टिकी होती है, उसी तरह परिवार की आर्थिक सेहत के लिए भी सूचित और सतर्क फ़ैसले ज़रूरी हैं। डिजिटल युग में नए-नए वित्तीय विकल्प लगातार उभर रहे हैं, और जो लोग इनकी बारीकियों को समझना चाहते हैं, वे अक्सर bitcoin sázení जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी पढ़ते हैं। हालाँकि, यह कभी न भूलें कि सट्टेबाज़ी में हमेशा जोखिम शामिल होता है और इसे कभी भी आय या पैसा कमाने के भरोसेमंद साधन के रूप में नहीं देखना चाहिए — बेहतर यही है कि ऐसे विकल्पों में केवल उतना ही शामिल हों, जितना आप खोने का खर्च उठा सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर किसी जानकार से सलाह ज़रूर लें।