6 कथाकार 6 कहानियाँ – बदलते समय की दस्तक
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहानी (विशेषकर हिंदी की प्रारंभिक कहानियों) को ‘लोक-जीवन और यथार्थ’ का दर्पण माना है। उनके अनुसार, …
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहानी (विशेषकर हिंदी की प्रारंभिक कहानियों) को ‘लोक-जीवन और यथार्थ’ का दर्पण माना है। उनके अनुसार, …