दूध का हिसाब

लघुकथा–  दूध का हिसाब

       मेरे पडोसी  गुप्ता जी शिक्षा विभाग मेँ लिपिक होते हुए बडे सीधे सादे व्यक्ति थे । किसी गाँव के रहने वाले घरेलु किस्म के लगते थे और उनकी श्रीमती जो एक साल के बच्चे की माँ थी बडी तेज तर्राट थी। महंगाई का जमाना , नपा तुला वेतन और दो बच्चे जैसे तैसे जमाने से कदम ताल मिलाते चल रहे थे ।  तभी , पता चला गाँव से गुप्ता जी की माँ आई है कुछ दिन बेटे के पास रहने  और अपनी आँखो का आपरेशन  करवाने को । बस उसी दिन से पडोस से पति पत्नी की बहस की आवाजेँ आने लगी थी । गुप्ताजी की माँ की आँख के आपरेशन के दुसरे दिन तो जाने किस बात पर कुछ ज्यादा ही बवाल मचा गुप्ता जी के यहाँ ।

             रात होते होते पत्नी की मार्फत पता चला  पडोस मेँ होने वाला विवाद गुप्ता जी की माँ के गाँव से आने और इलाज पर होने वाले खर्चे के कारण आ रही तंगी से जुडा है और कल  रोजाना लिये जाने वाले दूध की मात्रा बढाने को लेकर थी ।

  डाक्टर के कहे अनुसार गुप्ता जी , माँ के लिये पाव भर दूध रोजाना अतिरिक्त लेना चाह रहे थे और उनकी पत्नी का कहना था कि माँजी को रोज आने वाले दूध मेँ से ही एक कप दूध दे देंगे  अलग से दूध लेकर अनावश्यक खर्चा बढाना ठीक नही है । 

         क्या कह रही हो !मैँ चौंका ! 

हां  पडोसन  बता रही थी कि आधा लीटर दूध अभी लेते हैं रोजाना । पाव भर दूध और बढाने से महीने का तीन-चार सौ का खर्चा बढ जायेगा  । पहले से तंगी चल रही है फिर ये फालतु का खर्चा क्यों ।

      यह सब सुनकर मैँ सकते मेँ था । मेरे दिमाग मेँ किसी भी नवजात बच्चे और उसकी माँ की  दिनचर्या धुम गई मैं हिसाब लगाने लगा .  हां दूध का हिसाब । मेरे हिसाब से गुप्ता जी की पत्नी ही नहीं हर स्त्री  माँ के रुप में अपने बच्चे को दो-तीन साल तक रोजाना दिन भर मेँ छ: सात बार दुध पिलाती है और हर बार यदि पचास से सौ ग्राम दुध भी कोई बच्चा पिये तो कम से कम आधा लीटर दूध तो रोजाना हो ही जाता होगा । लैकिन वही बच्चे बडे होकर अपनी माँ को बीमारी और कमजोरी में पाव भर दूध के लिये बहस करते हैं कितना खर्चा बैठेगा ये हिसाब लगाते हैं ।

    मैं चुप सा अपने मन मेँ जोड गुणा कर रहा था  पत्नी मेरा मुंह देख कर बोली ” क्या सोचने लगे आप ” । मैं बोला ” कुछ नहीं  मैँ जरा दूध का हिसाब लगा रहा था ” ।

                           महेश शर्मा    

आपको लघु कथा दूध का हिसाब कैसी लगी ? अपनी प्रतिक्रिया से हमें अवश्य अवगत कराये। अगर आपको हमारोई रचनाएं पसंद आती हैं तोअटूट बंधन साइट को सब्स्क्राइब करें व् पेज को लाइक करें।

Share on Social Media

Leave a Comment

error:
WordPress Repository Meritking Giriş: Meritking Giriş Adresi Marsbahis Giriş: Marsbahis Güvenilir Mi Mavibet Giriş: Mavibet Para Yatırma Ve Çekme İşlemleri कुल्हड़ भर इश्क -बनारसी प्रेम कथा नव वर्ष यानी आपके हाथ में हैं नए 365 दिन माउथ ऑर्गन –किस्सों के आरोह-अवरोह की मधुर धुन jQuery Hotspot Plugin with Slideshow MultiLive – Multiple Live Stream Broadcaster Plugin for WordPress WP Let It Snow WordPress Plugin Dokan Postcode Restriction Portfolio and Gallery Grid Layout with Carousel for WordPress Booking365 – Responsive WordPress Appointment Plugin ElemForm7 PRO – Advanced Elementor Widget for Contact Form 7 Contact Form 7 Email Add on Pro Premium Media Script Appointment Buddy – Online Appointment Booking WP Plugin