हम सबकी जिम्मेदारी, मिलकर बनाये दुनियाँ प्यारी
प्रदीप कुमार सिंह ‘पाल’, शैक्षिक एवं वैश्विक चिन्तक मानव जाति के अन्नदाता किसान को जमीन को कागजी दांव-पेच से …
प्रदीप कुमार सिंह ‘पाल’, शैक्षिक एवं वैश्विक चिन्तक मानव जाति के अन्नदाता किसान को जमीन को कागजी दांव-पेच से …
जब आपको अपने आस – पास के लोगों की वजह से अपने मूल्यों व् प्राथमिकताओं को बदलने की जरूरत महसूस …
रिश्ते तितिली से होते हैं जोर से पकड़ों तो मर जाते हैं छोड़ दो तो उड़ जाते हैं प्यार से …
संसार में लाखों आदमी हैं पर उनकी चिंता नहीं होती केवल अपनों की चिंता होती है यानी ९० %मुक्ति तो …
बात 1986 की है मैं उस समय हाईस्कूल का छात्र हुआ करता था। मेरी दोस्ती हुई राजीव मिश्रा नाम के …