आखिरी भूल

लाख कोशिशों के बाद भी माधवी स्वयं को संयत नहीं कर पा रही थी, मन की उद्विग्नता चरम पर थी …

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घरेलू पति

विशेष सोच रहा हैं। आने का सम्भावित समय निकल गया हैं।………अब तो सात भी बज चुके हैं। शंका-कुशंका डेरा डालने …

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अंधी खोहों के परे

सांझ की धुंध में, रात की स्याही घुलने लगी थी. सर्दहवाओं के खंजर, सन्नाटे में सांय- सांय करते…उनकी बर्फीली चुभन, …

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अस्तित्व

अम्बा … पर्वतों की छाँव पिथौरागढ़ में रहनेवाली है । उसकी पांच बेटियां व एक बेटा सुधीर है । बचपन …

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पतुरिया

“अम्मा मैं बहुत अच्छे नम्बर से पास हो गई हूँ । अब मैं भी पी सी एस अधिकारी बन गयी …

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फिर एक बार

फैक्ट्री कासालाना जलसा होना था. तीन ही सप्ताह बच रहे थे. कायापलट जरूरी हो गया;बाउंड्री और फर्श की मरम्मत और …

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किट्टी पार्टी

आज रमा के यहाँ किट्टी पार्टी थी। हर महीने होने वाली किट्टी पार्टी का अपना ही एक अलग उत्साह रखता …

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विश्व में शांति की स्थापना के लिए महिलाओं को सशक्त बनायें!

किसी भी बालक के व्यक्तित्व निर्माण में ‘माँ’ की ही मुख्य भूमिका:-  कोई भी बच्चा सबसे ज्यादा समय अपनी माँ …

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दोषी कौन ?

किरण सिंह , पटना ********* आए दिन नारी संवेदना के स्वर गूंजते रहते हैं …..द्रवित करते रहते हैं हॄदय को …

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शांति से ओत -प्रोत नारी युग के आगमन की शुरुआत हो चुकी है

डाॅ. जगदीश गाँधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) संयुक्त राष्ट्र संघ की महिला सशक्तिकरण की दिशा में …

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जरूरी है मन का अँधेरा दूर होना

भारतीय संस्कृति में अक्टूबर नवम्बर माह का विशेष महत्त्व है,क्योंकि यह महीना प्रकाशपर्व दीपावली लेकर आता है.दीपावली अँधेरे पर प्रकाश …

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