सुविचार – तितिली से रिश्ते
रिश्ते तितिली से होते हैं जोर से पकड़ों तो मर जाते हैं छोड़ दो तो उड़ जाते हैं प्यार से …
सुविचार – मुक्ति
संसार में लाखों आदमी हैं पर उनकी चिंता नहीं होती केवल अपनों की चिंता होती है यानी ९० %मुक्ति तो …
ऐसे थे हमारे कल्लू भईया! (एक सच्ची कहानी)
बात 1986 की है मैं उस समय हाईस्कूल का छात्र हुआ करता था। मेरी दोस्ती हुई राजीव मिश्रा नाम के …
अंधी खोहों के परे
सांझ की धुंध में, रात की स्याही घुलने लगी थी. सर्दहवाओं के खंजर, सन्नाटे में सांय- सांय करते…उनकी बर्फीली चुभन, …
फिर एक बार
फैक्ट्री कासालाना जलसा होना था. तीन ही सप्ताह बच रहे थे. कायापलट जरूरी हो गया;बाउंड्री और फर्श की मरम्मत और …
बेबस बुढापा
उमा के कॉलेज की छुट्टी आज साढे चार बजे ही हो गई। वैसे तो कॉलेज का समय एक से छः …
तबादले का सच
शालिनी का आज दफ्तर में पहला दिन था। सुबह से काम कुछ न किया था बस परिचय का दौर ही …