फिर एक बार
फैक्ट्री कासालाना जलसा होना था. तीन ही सप्ताह बच रहे थे. कायापलट जरूरी हो गया;बाउंड्री और फर्श की मरम्मत और …
बेबस बुढापा
उमा के कॉलेज की छुट्टी आज साढे चार बजे ही हो गई। वैसे तो कॉलेज का समय एक से छः …
तबादले का सच
शालिनी का आज दफ्तर में पहला दिन था। सुबह से काम कुछ न किया था बस परिचय का दौर ही …
किट्टी पार्टी
आज रमा के यहाँ किट्टी पार्टी थी। हर महीने होने वाली किट्टी पार्टी का अपना ही एक अलग उत्साह रखता …
विश्व में शांति की स्थापना के लिए महिलाओं को सशक्त बनायें!
किसी भी बालक के व्यक्तित्व निर्माण में ‘माँ’ की ही मुख्य भूमिका:- कोई भी बच्चा सबसे ज्यादा समय अपनी माँ …
नकाब घूँघट और टैटू
घूँघट और टैटू |हालांकि आपको ये तीनों बेमेल दिख रहे होंगे | कुछ लोग इसे धर्म से जोड़ने का प्रयास …
दोषी कौन ?
किरण सिंह , पटना ********* आए दिन नारी संवेदना के स्वर गूंजते रहते हैं …..द्रवित करते रहते हैं हॄदय को …
शांति से ओत -प्रोत नारी युग के आगमन की शुरुआत हो चुकी है
डाॅ. जगदीश गाँधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) संयुक्त राष्ट्र संघ की महिला सशक्तिकरण की दिशा में …
जरूरी है मन का अँधेरा दूर होना
भारतीय संस्कृति में अक्टूबर नवम्बर माह का विशेष महत्त्व है,क्योंकि यह महीना प्रकाशपर्व दीपावली लेकर आता है.दीपावली अँधेरे पर प्रकाश …
विचार मनुष्य की संपत्ति हैं
“जिस हृदय में विवेक का, विचार का दीपक जलता है वह हृदय मंदिर तुल्य है।” विचार शून्य व्यक्ति, उचित अनुचित, …
जरूरी है मनुष्य के भीतर बेचैनी पैदा होना
कुछ नया जानने , कुछ अनोखा रचने की बेचैनी ही वजह से ही विज्ञानं का अस्तित्व है |कब आकाश पर …
तन की सुंदरता में आकर्षण, मन की सुंदरता में विश्वास
सुंदर काया और मोहक रूप क्षणिक आकर्षण पैदा कर सकते हैं लेकिन आंतरिक सुंदरता सामने वाले के मन को हमेशा …
सहानुभूति नहीं समानुभूति रखें
क्यों न हम लें मान, हम हैं चल रहे ऐसी डगर पर, हर पथिक जिस पर अकेला, दुख नहीं बँटते …
रिश्तों की तस्वीर का एक पहलू
इस संसार में हर व्यक्ति और वस्तु गुण-दोष से युक्त है,लेकिन रिश्तों की दुनिया में यह नियम लागू नहीं हो …
अपनों की पहचान बुरे समय में नहीं अच्छे समय में भी होती है
आम तौर पर यही माना जाता है कि जो बुरे वक्त में विपदा के समय साथ दे,वही सच्चा मित्र या …
सकारात्मक चिंतन और व्यक्तित्व विकास एक ही सिक्के के दो पहलू
सकारात्मक चिंतन और व्यक्तित्व विकास एक ही सिक्के के दो पहलू हैं | जो एक साथ आतें हैं |दरसल जब …
सुख -दुःख के पार है आनंद
दुख को कोई नहीं चाहता। हर कोई सुख की खोज में भटकता रहता है। यह मान लिए गया है कि …
सतरंगिनी – ओमकार मणि त्रिपाठी की सात कवितायें
1… आखिर कब तक….? डूबे रहोगे सिर्फ बौद्धिक व्यभिचार में वक्त पुकार रहा हैसमस्याओं के उपचारकी बाट जोह रहे हैं …
क्या सिखाता है कमल का फूल?
कमल के फूल को योग और अध्यात्म में एक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। योगिक शब्दावली में बोध …