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अथ श्री मुफ्त मेट्रो कथा

व्यंग -अथ श्री मुफ्त मेट्रो कथा
चुनाव का मौसम यानी फ्री का मौसम … हर राजनैतिक पार्टी कुछ ना कुछ फ्री देने की घोषणा करती है | मोदी जी पद्रह लाख हर गरीब के अकाउंट में डलवा रहे थे तो राहुल जी 72000 … अब केजरीवाल जी कहाँ पीछे रहते उन्होंने दिल्ली मेट्रो में सफ़र करने वाली हर महिला का किराया माफ करने की बात कही है | जिसे वो केवल चुनावी वादे  के रूप में ही नहीं ला रहे हैं बल्कि वो चुनाव से पहले ही इसे लागू  करना चाहते हैं क्योंकि वो जानते हैं कि जनता अब वादो पर यकीन नहीं करती , इसीलिये उसनेअपने ७२००० का नुक्सान करवाने का रिस्क  भी ले लिया है | और ‘आप’ की पतली हालत को देखते हुए वो जनता की रिस्क लेने की खराब आदत को फिर से कोई मौका नहीं देना चाहते | केजरीवाल जी ने इस सुविधा के लिए bpl कार्ड बनवाने की परेशानियों सभी महिलाओं को मुक्ति दे दी है | यानी आप मर्सिडीज से चलती हों या ११ नंबर की बस से कोई फर्क नहीं है , आप मुफ्त मेट्रो यात्रा कर सकती हैं | लेकिन इस फ्री से महिलाओं में एक और फ्री की इच्छा जगी है ….

अथ श्री मुफ्त मेट्रो कथा 

केजरीवाल सरकार ने दिल्लीवासियों को बिजली हाफ और पानी माफ़ देने के
बाद तीसरे अध्याय में महिलाओं को मेट्रो का किराया माफ़ करने की बात कही है | ख़ुशी
के मारे हम महिलाओं के
 तो पाँव जमीन पर
नहीं पड़ रहे हैं | सुनते हैं इसमें सरकार को १२००००००००००० अतरिक्त भर पड़ेगा | जीरो
जरा चेक कर लीजियेगा | ख़ुशी में कहीं  कम ज्यादा ना हो गए हों | इसी ख़ुशी को बांटने के लिए मुहल्ले में हम सब
ने इस बात पर वार्ता -पार्टी दी | और सबने अपने –अपने विचार रखे |

 सबसे ज्यादा खुश श्रीमती गुप्ता थीं | यूँ तो उनके पास चार 
गाड़ियां
हैं , पर उनके हिस्से में मर्सिडीज आती है | कारण है वो एवरेज ज्यादा देती है तो
बाकी लोग जिन्हें रोज जाना होता है वह मारुती की गाड़ियां ले कर फुर्र हो जाते हैं
और् मर्सिडीज रिश्तेदारों पर अपनी शान दिखाए जाने के लिए किसी उत्सव की प्रतीक्षा
में खड़ी रह जाती है | अब इस खबर से वो खासी उत्साह  में थीं कि अब तो वो मेट्रो
की फ्री यात्रा से दिल्ली के अलग –अलग मालों में जाकर जाकर तमाम एक के साथ एक फ्री
स्कीम का लाभ उठा पाएंगी | भाई मानना पड़ेगा कि इस देश में इतनी राजनैतिक पार्टियों
के होते हुए भी अमीरों की गरीबी देखने का जो हुनर केजरीवाल के पास है वो किसी के
पास नहीं |

श्रीमती मलिक ने सुझाव रखा,” क्यों न हम हर महीने होने वाली किटी  पार्टी का आयोजन मेट्रो में ही रखा करें | क्या है कि मैंने तीन –चार किटी  ज्वाइन कर रखी हैं |अब घर में पार्टी हो तो ए सी दिन भर चलता रहता है | बिजली हाफ का
फायदा ही नहीं मिल पाता | बिजली का बिल इतना लम्बा –चौड़ा आता है कि देख के पसीना आ
जाए | अब ये पार्टियाँ मेट्रो में ही की जाए तो कैसा रहेगा | शुरू के स्टेशन से
पकड लेगें तो बैठने की जगह भी मिलेगी | फिर घुमते रहो दिन भर , मनाते रहो पार्टी
पर पार्टी आमने –सामने की सीटों पर बैठे हुए | घर का बिजली का बिल भीकम आएगा …
ये फायदा अलग से |
श्रीमती देसाई कहाँ चुप बैठने वाली थीं , झट से बोलीं , “ मेरे विचार
से तो केजरीवाल सरकार को महिलाओं को लंच पैकेट भी फ्री में मुहैया करवाने चाहिए |
क्या है कि गर्मी बहुत है ना | हम महिलाओं को खाना बनाने में कितना पसीना बहाना
पड़ता है | अब लंच मुफ्त रहेगा तो घूमते रहो रोज यहाँ से वहां … क्या फर्क पड़ता
है कि मेट्रो द्वारिका से वैशाली जा रही है या वैशाली से द्वारिका |
श्रीमती देसाई की बात सभी महिलाओं को सही लगी | और हम सब चल पड़ीं
केजरीवाल से फ्री लंच की मांग करने …


जैसे खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है एक फ्री मिलने पर दूसरे
फ्री की मांग शुरू हो जाती है |

केजरीवाल जी मना तो नहीं करेंगे … आखिर बात महिलाओं की …श्श्श …चुनाव की जो है 🙂 

अथ श्री मुफ्त मेट्रो कथा


नीलम गुप्ता 

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