`दीपावली’ हाइकु एवं हाइगा
प्रस्तुत हैं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ . रमा द्विवेदी जी के हायकू .एवं हाइगा ……..
– अँधेरी रात
१ …………..
अंधेरों को पीता हूँ
तन्हा जीता हूँ ।
दीपक तले ।
रंगोली सजी
५ …………..
–उजाले देता
मुफलिसी में जीता
अँधेरे पीता ।






Comments are closed.