मृत्यु संसार से अपने ‘असली वतन’ जाने की वापिसी यात्रा है!
(जब जन्म शुभ है तो मृत्यु अशुभ कैसे हो सकती है?) – डा0 जगदीश गांधी, संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ …
(जब जन्म शुभ है तो मृत्यु अशुभ कैसे हो सकती है?) – डा0 जगदीश गांधी, संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ …
लेखक :- पंकज प्रखर आज एक बच्चे से लेकर 80 वर्ष का बुज़ुर्ग आधुनिकता की अंधी दौध में लगा हुआ …
– डा0 जगदीश गांधी, प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं संस्थापक–प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) आज हमारे नन्हें–मुन्नों को संस्कार कौन दे …
लेखक:- पंकज प्रखर वसंत को ऋतुराज राज कहा जाता है पश्चिन का भूगोल हमारे देश में तीन ऋतुएं बताता है …
लेखक:-पंकज प्रखर एक सती जिसने अपने सतीत्व की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया उसकी मृत्यु के …
मै आज कई वर्षो से हर पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को—काफी भावुक तरीके से पढ़ता व सुनता हु लेकिन हर …
प्रदीप कुमार सिंह ‘पाल’, शैक्षिक एवं वैश्विक चिन्तक मानव जाति के अन्नदाता किसान को जमीन को कागजी दांव-पेच से …
जब आपको अपने आस – पास के लोगों की वजह से अपने मूल्यों व् प्राथमिकताओं को बदलने की जरूरत महसूस …
रिश्ते तितिली से होते हैं जोर से पकड़ों तो मर जाते हैं छोड़ दो तो उड़ जाते हैं प्यार से …