विविध
सुविचार – मुक्ति
संसार में लाखों आदमी हैं पर उनकी चिंता नहीं होती केवल अपनों की चिंता होती है यानी ९० %मुक्ति तो …
ऐसे थे हमारे कल्लू भईया! (एक सच्ची कहानी)
बात 1986 की है मैं उस समय हाईस्कूल का छात्र हुआ करता था। मेरी दोस्ती हुई राजीव मिश्रा नाम के …
अंधी खोहों के परे
सांझ की धुंध में, रात की स्याही घुलने लगी थी. सर्दहवाओं के खंजर, सन्नाटे में सांय- सांय करते…उनकी बर्फीली चुभन, …
फिर एक बार
फैक्ट्री कासालाना जलसा होना था. तीन ही सप्ताह बच रहे थे. कायापलट जरूरी हो गया;बाउंड्री और फर्श की मरम्मत और …
बेबस बुढापा
उमा के कॉलेज की छुट्टी आज साढे चार बजे ही हो गई। वैसे तो कॉलेज का समय एक से छः …
तबादले का सच
शालिनी का आज दफ्तर में पहला दिन था। सुबह से काम कुछ न किया था बस परिचय का दौर ही …
किट्टी पार्टी
आज रमा के यहाँ किट्टी पार्टी थी। हर महीने होने वाली किट्टी पार्टी का अपना ही एक अलग उत्साह रखता …
विश्व में शांति की स्थापना के लिए महिलाओं को सशक्त बनायें!
किसी भी बालक के व्यक्तित्व निर्माण में ‘माँ’ की ही मुख्य भूमिका:- कोई भी बच्चा सबसे ज्यादा समय अपनी माँ …
नकाब घूँघट और टैटू
घूँघट और टैटू |हालांकि आपको ये तीनों बेमेल दिख रहे होंगे | कुछ लोग इसे धर्म से जोड़ने का प्रयास …
दोषी कौन ?
किरण सिंह , पटना ********* आए दिन नारी संवेदना के स्वर गूंजते रहते हैं …..द्रवित करते रहते हैं हॄदय को …
शांति से ओत -प्रोत नारी युग के आगमन की शुरुआत हो चुकी है
डाॅ. जगदीश गाँधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) संयुक्त राष्ट्र संघ की महिला सशक्तिकरण की दिशा में …
जरूरी है मन का अँधेरा दूर होना
भारतीय संस्कृति में अक्टूबर नवम्बर माह का विशेष महत्त्व है,क्योंकि यह महीना प्रकाशपर्व दीपावली लेकर आता है.दीपावली अँधेरे पर प्रकाश …