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रिया स्पीक्स – औरत का घर


                           





!!!!!!!!!!!!!!रिया स्पीक्स !!!!!!!!!!!!!!!!

               औरत का घर 


बहुत दिनों से मैं उसे खोज रही थी। अचानक ही मिल गयी , वो भी मेरे घर के पास।तो आइये आज आप का भी परिचय करा ही देते है उससे …. मैं बात कर रही हूँ रिया की , 21 वर्षीय दिल्ली में पैदा हुई और दिल्ली में पली लड़की। इस वक़्त दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। रिया एक परंपरावादी परिवार से है ,विचारों से आधुनिक है। रिया में परंपरा व् आधुनिकता का अनुपातिक समावेश है। रिया जींस,स्कर्ट सलवार -कुरता जो मन आये पहनती है। मंदिर भी जाती है ,डिस्को में भी। लिंकन पार्क ,माइकल जैक्सन तेज वॉल्यूम में सुनती है तो धीमी -धीमी वॉल्यूम में शास्त्रीय संगीत भी। धार्मिक ,सामाजिक ,राजनीतिक हर मुददे पर रिया खुल कर बोलती है। वही दूसरी ऒर रिया की दादी फूल रानी जो उत्तर प्रदेश के एक गाँव उतरी -पूरा से यहाँ रहने आयी है। दादी घोर परंपरा वादी है, पर कही न कही समझाने पर समझती हैं,. इन दोनों के बीच में हैं रिया की माँ रेखा जो दो पीढ़ियों के बीच में मौन रहना ही पसंद करती है।जो मैं उस घर में देखूँगी आपको एक नए कॉलम >>>रिया स्पीक्स <<<के माध्यम से जरूर बताऊँगी। यह दो पीढ़ियों के विचारों का टकराव हैं. …(कौन सही है कौन गलत यह निर्णय आप का मेरा इससे कोई लेना -देना नहीं है। )तो चले है रिया के घर। ………………….

दादी फूल रानी पान में चूना लगा रहीहै “हे !शिव ,शिव ,शिव ,कितनी गर्मी है , बिटिया ,अरी ओ रिया हाँथ में अखबार लीन्ह हो तनिक कोनहुँ खबर तो पढ़िके बताओ “
रिया :हां दादी वही तो मैं पढ़ रही हूँ। दिल्ली के पास एक आदमी ने अपनी पत्नी ,साले और ससुर का क़त्ल कर आत्महत्या की …. सिर्फ इसलिए की पत्नी उसकी ईक्षा  के विरुद्ध मायके चली गयी थी। सो !डिस्गस्टिंग
दादी :ई तो बड़ा बुरा हुआ।तबै तो क्रोध को बुद्धि नाशक बतावत है सबै वेद -पुराण.।  पर इ माँ उ मेहरारी का भी दोष राहे ,अरे आदमी नहीं चाहत ,तो कोनहुँ जरूरत राहे जाए की , कुछ दिनन बाद तो सुलह हो ही जात. .. अब मर्दन का तो गुस्सा नाक पे धरा ही राहत है। ……… आज -कल की मेहरारी भी… सब्र नाहीं है। का जमाना आ गए है , हे !शिव शिव ,शिव
रिया :कब तक दादी ,आखिर कब तक औरत अपने मायके या ससुराल जाने के लिए स्वेक्षा से निर्णय नहीं ले पायेगी। दो पाटों में बंटी है औरत.… सामाजिक तौर शादी के बाद ससुराल ही उसका घर है पर भावनात्मक रूप से गहरे मायके जुड़ी रहती है औरत। …………क्या आज भी औरत एक वस्तु है की पति ने अपनी नाक का प्रश्न  बना उसे उसके भावनात्मक सम्बल से वंचित कर सकने का अधिकार खरीद लिया है। …………. एक तरफ पुराणों में शिव पत्नी सती, पति का अपमान सहन न कर पाने की वजह से आत्मदाह करती हैं। एक तरफ यह औरत जो मायके जाने पर मारी जाती है। ……………… क्या कभी पिता या पति दोनों यह यह कभी समझ पाएंगे कि , दो कुलों की इज़्ज़त समझी जाने वाली नारी दोनों ही परिवारों से गहरे जुडी होती है। अपनी नाक या प्रतिष्ठा का प्रश्न बना कर उसे किसी एक परिवार से प्रेम करने से वंचित कर देना कहाँ का न्याय है कहाँ की इनसानियत है।
दादी :हे शिव शिव शिव बात तो तुम सही कहत हो बिटियाँ।
वन्दना बाजपेयी
चित्र गूगल से

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जिस तरह एक स्वस्थ रिश्ते की नींव आपसी विश्वास और समझदारी पर टिकी होती है, उसी तरह परिवार की आर्थिक सेहत के लिए भी सूचित और सतर्क फ़ैसले ज़रूरी हैं। डिजिटल युग में नए-नए वित्तीय विकल्प लगातार उभर रहे हैं, और जो लोग इनकी बारीकियों को समझना चाहते हैं, वे अक्सर bitcoin sázení जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी पढ़ते हैं। हालाँकि, यह कभी न भूलें कि सट्टेबाज़ी में हमेशा जोखिम शामिल होता है और इसे कभी भी आय या पैसा कमाने के भरोसेमंद साधन के रूप में नहीं देखना चाहिए — बेहतर यही है कि ऐसे विकल्पों में केवल उतना ही शामिल हों, जितना आप खोने का खर्च उठा सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर किसी जानकार से सलाह ज़रूर लें।