अटूट बंधन
आज के साहित्यकार
एक प्रश्न बार -बार उठता है कि क्या आज के साहित्यकार भी उतने ही संवेदनशील व् मेहनती है जितने पहले …
सच्चा कलाकार
बात 2015 की है मुझे दिल्ली के लवली पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर बच्चों और …
परछाइयों के उजाले
प्रेम को देह से जोड़ कर देखना उचित नहीं पर समाज इसी नियम पर चलता है | स्त्री पुरुष मैत्री …
आजादी से निखरती बेटियाँ
कुछ दिन पहले एक मौल में शौपिंग कर रही थी कि पांच वर्ष से नौ दस वर्ष की तीन …
अगस्त के प्रेत -अनूदित लातिन अमेरिकी कहानी
भूत होते हैं कि नहीं होते हैं इस बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता |परन्तु भूतिया …
श्रीराम द्वारा सीता का त्याग : सत्य या इतिहास के साथ की गयी छेड़ छाड़
अभी कुछ दिन पहले इस लॉक डाउन काल में दूरदर्शन में पूराने लोकप्रिय सीरियल रामायण और महाभारत का पुन: प्रसारण …
लघुकथा – एक सच यह भी
स्वतंत्रता अनमोल होती है | पर क्या स्त्री कभी स्वतंत्र रहती है | एक सच यह भी है कि तमाम …
बबूल पर गुलाब
क्या बबूल पर गुलाब का रेशमी खुशबूदार फूल उग सकता है | नहीं | पर कहते हैं कि व्यक्ति का …
ऊँटकी करवट
ऊँट किस करवट बैठता है यह बहुत ही प्रसिद्द मुहावरा है | ये एक संदेह की स्थिति है | दरअसल …
कैलाश सत्यार्थी जी की कविता -परिंदे और प्रवासी मजदूर
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित विश्व प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्यार्थी लॉकडाउन से बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों और …
समीक्षा – कहानी संग्रह विसर्जन
प्रस्तुत है डेजी नेहरा के द्वारा वंदना बाजपेयी के कहानी संग्रह ‘विसर्जन ‘की समीक्षा समीक्षा – विसर्जन (कहानी-संग्रह) वंदना वाजपेयी …
मन की गाँठ (कोरोना इफ़ेक्ट )
ये समय जब इतिहास में लिखा जाएगा तो शायद कोरोना काल के रूप में जाना जाएगा | साहित्य पर समय …
जन्म-मरण की पीड़ा से मुक्त हो जाने का मार्ग है- विपश्यना
हम सब अपनी पहचान इस स्थूल शरीर से करते हैं | जब की इसके अन्दर अनित्य अविनाशी आत्मा का निवास …
डस्टबिन में पेड़ -शिक्षाप्रद बाल कहानियाँ
डस्टबिन में पेड़ आशा शर्मा जी का नया बाल कहानी संग्रह है | पेशे से इंजिनीयर आशा जी कलम …
कॉफी, ताज और हरी आंखों वाला लड़का!
सुधांशु गुप्त जी की कई कहानियाँ पढ़ी हैं और पसंद भी की | उनकी कहानियों में एक खास बात है …
“हाँ…नपुंसक हूँ मैं”
राजीव तनेजा जी एक ऐसे व्यंगकार जो आस पास की घटनाओं से ताना -बाना उठाकर व्यंग -कथा को बुनते हैं …
सेल्फ आइसोलेशन के 21 दिन – हम कर लेंगे
हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी ने घोषणा करी है कि covid-19 महामारी के खतरे से देश को बचाने के …