अंधेर नगरी , चौपट ———–
डॉ मधु त्रिवेदी सोन चिड़िया कहलाने वाला मेरा देश भारत समय -समय पर आक्रमणकारियों के द्वारा लूटा जाता …
“अवसर” खोजें,पहचाने और लाभ उठायें
लेखक :- पंकज “प्रखर” कोटा , राज. अवसर का लाभ उठाना एक कला है एक ऐसा व्यक्ति जो जीवन में …
संकल्प शक्ति – आदमी सोच तो ले उसका इरादा क्या है?
प्रदीप कुमार सिंह, शैक्षिक एवं वैश्विक चिन्तक वाराणसी आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने दो साल की मेहनत के बाद …
” बहू बेटी की तरह होती है यह कथन सत्य है या असत्य “
डॉ मधु त्रिवेदी ———————————————————————- बहू और बेटी ” में समानता और असमानता केवल सोच की है जो बेटी है वो …
जरूरी है असहमतियों से सहमत होना
कभी – कभी प्रेम उन बातों को नज़रंदाज़ करना भी है जो आपको पसंद नहीं हैं | दो लोगों के …
मृत्यु – शरीर नश्वर है पर विचार शाश्वत
मृत्यु जीवन से कहीं ज्यादा व्यापक है , क्योंकि हर किसी की मृत्यु होती है , पर हर कोई …
“ अटूट बंधन “- जारी रहेगा निराशा के खिलाफ हमारा युद्ध
सच्ची ख़ुशी तब है जब आप जो कह रहे है , कर रहे हैं और जो आप के मन में …
बस्तों के बोझ तले दबता बचपन
जब सुकुमार छोटे बच्चों को बस्ते के बोझ से झुका स्कूल जाते देखतीं हूँ तो सोचती हूँ …
साहसी महिलायें हर क्षेत्र में बदलाव की मिसाल कायम कर रही हैं- प्रदीप कुमार सिंह
विश्व की साहसी महिलायें हर क्षेत्र में मिसाल कायम कर रही हैं। कुछ ऐसी बहादुर तथा विश्वास से भरी बेटियों …
बड़े भाग्य से मानव शरीर मिला है!-डाॅ. जगदीश गाँधी
–डाॅ. जगदीश गाँधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) मानव जीवन अनमोल उपहार है:- आज के युग …
राम नाम सत्य है
मेरी मौत 9 जून 2051 को होगी? यह तारीख एक ‘वेब-साइट’ वालों ने मेरे लिये निकाली है! है, भगवान, तेरे …
जय बाबा पाखंडी
ऐशो आराम बाबा बड़े बड़े दावे किया करते थे कि वह ईश्वर से साक्षात्कार करते है.भक्तों को भगवान् की कृपा …
न उम्र की सीमा हो
आज फिर दिमागी केंचुए कुछ सक्रिय हुए जब नज़र पड़ोस में रहने वाले चुकुंदीलाल जी पर पड़ी, 85 साल के …
जाएँ तो जाएँ कहाँ
ज्यों ही मकान मालिक ने हमें मकान खाली करने का सुप्रीम ‘ऑर्डर दिया, हमारी तो बोलती ही बंद हो गई। …
दूरदर्शी दूधवाला
दूध में पानी बहुत होता है, इसके लिए अपने दूधिये को गालियां मत दें बल्कि उस का शुक्रिया करें कि …
देश पी. एल . वी ( पुरुस्कार लौटाओ वायरस )की चपेट में
सर्दी का मौसम दस्तक दे चूका है पर अभी भी देश का राजनैतिक तापमान बहुत गर्म है | हमारे विशेष …
कवि और कल्पना
कविता भी क्या चीज़ है! कल्पना की उड़ान कवि को किसी दूसरी ही दुनियाँ मे पंहुचा देती है। एक कवि …
मेरी बत्तीसी
चौराहे पर दो लड़के लड़ रहे थे। एक ने दूसरे को धमकी दी , “ओये, चुप कर जा…नही तां इक …
क्या मेरी रजा की जरूरत नहीं थी ?
तीन तलाक पर आधारित कहानी उफ़ ! क्या दिन थे वो | जब बनी थी तुम्हारी शरीके हयात | तुम्हारे …