ये कोई व्यवहारिक पैटर्न हो सकता है जो बार बार निराशा की ओर या असफलता ( मानसिक स्तर पर ही सही ) की ओर धकेल रहा हो |
या फिर कोई ऐसा सत्य हो सकता है जिसे मन स्वीकार नहीं करना चाहता | कई बार मन परछाई को पकड़ना चाहता है, जो संभव नहीं | झूठे दिलासे खुद को देने के स्थान पर बेहतर है सच को स्वीकार कर आगे बढ़ा जाए |
जो भी हो ठहर कर अपने प्रति ईमानदार होकर उस कारण को खोज निकालना है और हिम्मत के साथ उसे छोड़ देना है |
तो आगे की यात्रा के लिए एक कदम पीछे हटिये | ये एक तोहफा है जो आप खुद को देंगे | याद रखिये अपने लिए ये काम सिर्फ आप ही कर सकते हैं …
#self_healing
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