वंदना बाजपेयी
मिसेज़ चटर्जी वर्सस नॉर्वे और लीड्स में हुई हिंसा
लंदन से प्रकाशित पुरवाई के संपादकीय कई मुद्दों पर सोचने को विवश कर देते हैं। ‘प्रवासी हिंसा और दंगे” ऐसा …
कथारंग कहानी प्रतियोगिता 2023 वंदना बाजपेयी ने जलाई जीत की ज्योति
“कथा रंग कहानी प्रतियोगिता परिणाम -2023” के सभी पुरस्कृत रचनाकारों को कथा रंग परिवार, ग़ाज़ियाबाद की ओर से हार्दिक मंगलकामनाएं …
कलर ऑफ लव – प्रेम की अनूठी दास्तान
प्रेम जो किसी पत्थर हृदय को पानी में बदल सकता है, तपती रेत में फूल खिला सकता है, आसमान …
लापता लेडीज- पहचान गुम हो जाने से लेकर अस्तित्व को खोजती महिलाएँ
हालांकि मैं फिल्मों पर नहीं लिखती हूँ, पर बहुत दिनों बाद ऐसी फिल्म देखी जिस पर बात करने का …
काव्य कथा – वो लड़की थी कुछ किताबी सी
काव्य कथा, कविता की एक विधा है, जिसमें किसी कहानी को कविता में कहा जाता हैं l काव्य कथा – …
कोई शॉर्टकट नहीं दीर्घकालीन साधना है बाल साहित्य लेखन -भगवती प्रसाद द्विवेदी
यूँ तो साहित्य लेखन ही जिम्मेदारी का काम है पर बाल साहित्य के कंधे पर यह जिम्मेदारी कहीं ज्यादा …
वंदना बाजपेयी की कविता -हमारे प्रेम का अबोला दौर
आजकल हमारी बातचीत बंद है, यानि ये हमारे प्रेम का अबोला दौर है l अब गृहस्थी के सौ झंझटों …
कानपुर के अमर शहीद -शालिग्राम शुक्ल
“ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आँख में भर पानी, जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी” जब-जब …
बेगम हज़रत महल- एक निम्नवर्ग में जन्मी लड़की से बेगम हज़रत महल बनने तक की संघर्षमय गाथा
1857 का संग्राम याद आते ही लखनऊ यानी की अवध की बेगम हज़रत महल के योगदान को कौन भूल …
घूरे का हंस – पुरुष शोषण की थाह लेती कथा
मैं खटता रहा दिन रात ताकि जुटा सकूँ हर सुख सुविधा का सामान तुम्हारे लिए और देख सकूँ तुम्हें मुस्कुराते …
श्राद्ध पक्ष – क्या वास्तव में आते हैं पितर
चाहें ना धन-संपदा, ना चाहें पकवान l पितरों को बस चाहिए, श्रद्धा और सम्मान ll आश्विन के …
वो छोड़कर चुपचाप चला जाए तो क्या करें ?
शायरी काव्य की बहुत खूबसूरत विधा है l रदीफ़, काफिया, बहर से सजी शायरी दिल पर जादू सा असर करती …
किराये का परिवार – पुरवाई संपादकीय पर टिप्पणी
कुछ पढ़ा, कुछ गुना :शीर्षक के अंतर्गत अटूट बंधन में उन लेखों कहानियों पर विस्तार से बात रखी जाएगी जो …
हिंदी – लौटना है ‘व्हाट झुमका’ से ‘झुमका गिरा रे’ तक
हिंदी – बोली-बानियों की मिठास का हो समावेश अभी कुछ दिनों पहले एक फिल्म आई थी, “रॉकी और …
काकी का करवाचौथ
हमेशा की तरह करवाचौथ से एक दिन पहले काकी करवाचौथ का सारा सामान ले आयीं| वो रंग बिरंगे करवे, चूड़ी, …
भगवान शिव और भस्मासुर की कथा नए संदर्भ में
हमारी पौराणिक कथाओं को जब नए संदर्भ में समझने की कोशिश करती हूँ तो कई बार इतने नए अर्थ खुलते …
सपनों का शहर सैन फ्रांसिस्को – अमेरिकी और भारतीय संस्कृति के तुलनात्मक विशेषण कराता यात्रा वृतांत
“यात्राएँ एक ही समय में खो जाने और पा लेने का सबसे अच्छा तरीका हैं” कितनी खूबसूरत है ये …
माँ से झूठ
माँ ही केवल अपने दुखों के बारे में झूठ नहीं बोलती, एक उम्र बाद बच्चे भी बोलने लगते है …
स्टेपल्ड पर्चियाँ -समझौतों की बानगी है ये पर्चियाँ
जीवन अनगिनत समझौतों का नाम है | कुछ दोस्ती के नाम पर, कुछ प्रेम की परीक्षा में खरे …