темп на довгому трейловому підйомі

अखबारों के पन्नों पर

हम सब रोज अखबार पढ़ते हैं | अखबार की खबरें हमारी मानसिक खुराक होती है | पर ये खबरे किसी दर्द किसी अत्याचार या किसी अन्याय की सूचना होती हैं |अखबारों के पन्ने पर पन्ना दर पन्ना लिखी होती हैं शोषण की दस्ताने |आइए इस विषय पर पढ़ते हैं डॉ. पूनम गुज़रानी की महत्वपूर्ण गजल

अखबारों के पन्नों पर

पढ़ते पढ़ते कितना रोई अखबारों के पन्नों पर,
सांझ हुई तो अक्सर सोई अखबारों के पन्नों पर।
जाने वाले सैनिक का मासूम सा बच्चा भूखा था,
नेताओं ने आंख भिगोई अखबारों के पन्नों पर।
अरबों की खरबों की दौलत रहती बंद तिजोरी में,
बस वादों की फसलें बोई अखबारों के पन्नों पर।
लालकिले के सब गलियारे कानाफूसी करते हैं,
किसने कितनी लाशें ढोई अखबारों के पन्नों पर।
अपने हिस्से की खुशियां जो ‘पूनम’ जग को दे जाता,
उसके खातिर सदियां रोई अखबारों के पन्नों पर।
डॉ पूनम गुजरानी
सूरत
डॉ . पूनम गुज़रानी
यह भी पढ़ें ….
आपको गजल “अखबारों के पन्नों पर कैसी लगी ? अपने विचार हमें अवश्य बताएँ |अगर आप को अटूट बंधन की रचनाएँ पसंद आती हैं तो साइट को सबस्क्राइब करें और अटूट बंधन फेसबुक पेज लाइक करें |
Share on Social Media
error:

जिस तरह एक स्वस्थ रिश्ते की नींव आपसी विश्वास और समझदारी पर टिकी होती है, उसी तरह परिवार की आर्थिक सेहत के लिए भी सूचित और सतर्क फ़ैसले ज़रूरी हैं। डिजिटल युग में नए-नए वित्तीय विकल्प लगातार उभर रहे हैं, और जो लोग इनकी बारीकियों को समझना चाहते हैं, वे अक्सर bitcoin sázení जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी पढ़ते हैं। हालाँकि, यह कभी न भूलें कि सट्टेबाज़ी में हमेशा जोखिम शामिल होता है और इसे कभी भी आय या पैसा कमाने के भरोसेमंद साधन के रूप में नहीं देखना चाहिए — बेहतर यही है कि ऐसे विकल्पों में केवल उतना ही शामिल हों, जितना आप खोने का खर्च उठा सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर किसी जानकार से सलाह ज़रूर लें।