कड़वा सच

कहने वाले कहते हैं कि जब शेक्सपीयर ने लिखा था कि नाम में क्या रखा है तो उसने इस पंक्ति …

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ख़ुशी

ख़ुशी क्या है ? मुट्ठी में पकड़ी रेत सी जो उँगलियों के बीच से रिसती चली जाती है | फिर …

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प्रेम -दीपक

फोटो क्रेडिट -livedharm.com करेगी रोशिनी जगमग , अँधेरे को मिटा देंगे  लाखों जुगनुओं से हम अमावस को हरा देंगे  धरा …

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दीपोत्सव

दीपावली मानने के तमाम कारणों में एक है राम का अयोध्या में पुनरागमन | कहते हैं दीपावली के दिन प्रभु …

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विभोम स्वर व् शिवना साहित्यकी मेंरी नज़र में

शिवना प्रकाशन की दो पत्रिकाएँ ‘विभोम स्वर’और ‘शिवना साहित्यिकी’ प्राप्त हुईं | अभी थोड़ी ही पढ़ीं हैं, फिर भी उन …

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एक कदम पीछे

जीवन स्वयं आगे बढ़ता है | पर हम उससे भी आगे बढ़ने की होड़ लगा लेते हैं | इतनी तेज …

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अंतर्मन के द्वीप- विविध विषयों का समन्वय करती कहानियाँ

अभी  पिछले दिनों मैंने “हंस अकेला रोया” में ग्रामीण पृष्ठभूमि पर लिखी हुई कहानियों का वर्णन किया था | आज …

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