अटूट बंधन
ढलवाँ लोहा
आज आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं सशक्त कथाकार दीपक शर्मा जी की कहानी “ढलवाँ लोहा “| ये कहानी 2006 …
रीतू गुलाटी की पांच कवितायेँ
कविता मन के भाव हैं , कब ये भाव शब्द के रूप में आकर ले कर पन्ने पर उतर जाते …
हिंदी मेरा अभिमान
आज जब पीछे मुड़ कर देखती हूँ और सोचती हूँ कि हिंदी कब और कैसे मेरे जीवन में इतनी घुलमिल …
हिंसा से अहिंसा तक
हिंसा के पीछे क्रोध है l क्रोध के पीछे अक्सर भाव ये होता है कि दूसरा हमारे मनोनुकूल नहीं है …
प्रथम गुरु
अक्सर ऐसा कहा जाता है कि बालक की प्रथम गुरु उसकी माता होती है परंतु मैं इस बात से सहमत …
कह -मुकरियाँ
कह मुकरियाँ साहित्य की एक विधा है | यह शब्दों कह और मुकरियाँ से बनी है | इसका सीधा सा …
अनुभूतियों के दंश- लघुकथा संग्रह (इ बुक )
लघुकथा वो विधा है जिसमें थोड़े शब्दों में पूरी कथा कहनी होती है | आज के समय में जब समयाभाव …
जन्माष्टमी पर 7 काव्य पुष्प
माखन चोर , नटखट बाल गोपाल , मथुरा का ग्वाला , धेनु चराने वाला , चितचोर , योगेश्वर , प्रभु …
अमृता प्रीतम – मुक्कमल प्रेम की तलाश करती एक बेहतरीन लेखिका
सुप्रसिद्ध पंजाबी कवियत्री अमृता प्रीतम, जिनके लेखन का जादू बंटवारे के समय में भी भारत और पकिस्तान दोनों पर बराबर …
देहरी के अक्षांश पर – गृहणी के मनोविज्ञान की परतें खोलती कवितायें
कविता लिखी नहीं जाती है , वो लिख जाती है , पहले मन पर फिर पन्नों पर ….एक श्रेष्ठ कविता …
रक्षाबंधन पर 5 वर्ण पिरामिड
रक्षा बंधन का पावन दिन जिस दिन भाई -बहनों के पुनीत प्रेम की धारा में पूरा भारत बह रहा होता …
बाजा-बजन्तर
अगर आप संगीत के शौक़ीन हैं तो आप के यहाँ भी बाजा बजता ही होगा | कई बार ये शौक …
प्रेम कभी नहीं मरेगा
आज टूटते हुए रिश्तों को देखकर ऐसा लगता है कि प्रेम बचा ही नहीं है , परन्तु ऐसा नहीं है …
पेशंन का हक
सरकार की पेंशन योजना बुजुर्गों के स्वाभिमान की रक्षा करती है | लेकिन क्या केवल योजना बना देने से बुजुर्गों …