विविध
हामिद का चिंमटा
संगत का साथी हो सकता है यह औखत पर औज़ार फकीर का मँजीरा सिपाही का तमंचा सबसे सलोना यह खिलौना …
लघुकथा – सूकून
कुमार गौरव मौलिक एवं अप्रकाशित एक छुट्टी के दिन कोई पत्रकार कुछ अलग करने के ख्याल से जुगाड़ लगाकर ताजमहल …
अपना -अपना स्वार्थ
एक बार एक आदमी अपने छोटे से बालक के साथ एक घने जंगल से जा रहा था! तभी रास्ते …
“माँ“ … कहीं बस संबोधन बन कर ही न रह जाए
माँ केवल एक भावनात्मक संबोधन ही नहीं है , ना सिर्फ बिना शर्त प्रेम करने की मशीन ….माँ के प्रति …
कुछ हाइकू…….पृथ्वी दिवस पर
(1) धरा दिवस लगें वृक्ष असंख्य करें प्रतिज्ञा। (२) माता धरती करें चिंता इसकी शिशु समान। …
चार साधुओं का प्रवचन
एक बार की बात है चार साधू जो आपस में मित्र थे तीर्थ यात्रा कर के लौटे | वो लोगों …
शब्द सारांश का भव्य वार्षिकोत्सव एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह
शब्द सारांश का भव्य वार्षिकोत्सव एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह दस अप्रैल रविवार को नगर की प्रसिद्ध साहित्य एवं सामाजिक संस्था शब्द सारांश …
आज गंगा स्नान की नहीं गंगा को स्नान कराने की आवश्यकता है
गंगा एक शब्द नहीं जीवन है , माँ है , ममता है | गंगा शब्द से ही मन असीम …
फेसबुक एप – ये फेसबुक है ये सब जानती है
आपको एक पुरानी फिल्म जरूर याद होगी | नाम था शतरंज के खिलाड़ी | वो नवाबों के ज़माने की फिल्म …
अजय चन्द्रवंशी की लघु कवितायें
#तटस्थ# वह कशमकश में है वह किस तरफ है क्योकि उसे मालूम है वह किस तरफ है #गाली और क्रांति# …
परी का गिफ्ट
दोस्तों हम सब अधिकतर या तो अतीत में रहते हैं या भविष्य में | वर्तमान में कोई रहना ही नहीं …
अटूट बंधन वर्ष -२ अंक -६ सम्पादकीय :समग्र जीवन की सफलता
समग्र जीवन की सफलता जब जानी थी सुख –दुःख की परिभाषा तब बड़ी ही सावधानी से खींच दिया था एक …