नया जमाना आयेगा
ज़माने के बारे में दो कथन आम तौर पर प्रचलन में हैं | एक तो “ज़माना बदल गया” है और …
प्रेम भरद्वाज –शोकाकुल कर गया शब्दों के जादूगर का असमय जाना
प्रेम भरद्वाज -25 अगस्त 1965-10 मार्च 2020 प्रेम भरद्वाज, एक ऐसा नाम जिनका जिक्र आते ही ध्यान में …
कृष्णा सोबती -एक बेबाक रचनाकार
कृष्णा सोबती समय से आगे रहने वाली हिंदी साहित्य की ऐसी अप्रतिम साहत्यिकार थीं जिन्होंने नारी अस्मिता को उस दौर …
थप्पड़- घरेलू हिंसा का मुखर विरोध जरूरी
“थप्पड़ से डर नहीं लगता साहेब, प्यार से लगता है” दबंग फिल्म का ये डायलॉग भले ही प्रचलित हुआ …
सुबह ऐसे आती है –उलझते -सुलझते रिश्तों की कहानियाँ
अंजू शर्मा जी से मेरा परिचय “चालीस साला औरतें” से हुआ था | कविता फेसबुक में पढ़ी और …
कानपुर में धनुक की गूँज –एक विस्तृत रिपोर्ट
कानपुर में धनुक की गूँज कानपुर एक ऐसा शहर जो चारों तरफ से गाँवों से घिरा हुआ हुआ है | …
सिंदूर खेला – पति –पत्नी के उलझते –सुलझते रिश्तों की कहानियाँ
सिंदूर खेला “सिंदूर खेला” रंजना बाजपेयी जी का नया कहानी संग्रह है | इससे पहले उनके दो उपन्यास “अनावरण” और …
कुल्हड़ भर इश्क -बनारसी प्रेम कथा
कुल्हड़ भर इश्क एक बनारसी हल्की -फुलकी प्रेम कथा है | बिलकुल बनारसी शंकर जी की बूटी की तरह जिसका …
नव वर्ष यानी आपके हाथ में हैं नए 365 दिन
जब भी नव वर्ष आता है तो अपने साथ लाता है नए 365 दिन | एक नया कोरा पन्ना …जिसे …
माउथ ऑर्गन –किस्सों के आरोह-अवरोह की मधुर धुन
जब बात किस्सों की आती है तो याद आती है जाड़े की गुनगुनी धूप सेंकते हुए, मूंगफली चबाते हुए …
तपते जेठ में गुलमोहर जैसा -प्रेम का एक अलग रूप
आज आपसे ” तपते जेठ में गुलमोहर सा उपन्यास के बारे में बात करने जा रही हूँ |यह यूँ तो …
विसर्जन कहानी संग्रह पर महिमा श्री की प्रतिक्रिया
महिमा से पहली बार सन्निधि संगोष्ठी में मुलाकात हुई थी | मासूम सी, हँसमुख बच्ची ने जहाँ अपने व्यक्तित्व से …
सांता का गिफ्ट
क्रिसमस से संता का करिश्मा भी जुड़ा है | दुनिया भर के बच्चे क्रिसमस के दिन संता का इंतज़ार करते …
विसर्जन कहानी संग्रह -समीक्षा किरण सिंह
जिंदगी ही कहानी है या कहानी ही जिंदगी है इस प्रश्न का ठीक-ठीक उत्तर देना थोड़ा उलझन भरा हो सकता …
बस कह देना कि आऊँगा- काव्य संग्रह समीक्षा
आज मैं आपसे बात करना चाहूँगी नंदा पाण्डेय जी के काव्य संग्रह “बस कह देना कि आऊँगा के बारे में …
बलात्कार के खिलाफ हुँकार
हम उसी देश के वासी हैं जहाँ कभी कहा जाता था कि ,”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” आज उसी …