हमारी ब्रा के स्ट्रैप को देखकर तुम्हारी नसें क्यों तन जाती हैं ” भाई “

अरे! तुमने ब्रा ऐसे ही खुले में सूखने को डाल दी?’ तौलिये से ढंको इसे। ऐसा एक मां अपनी 13-14 …

Read more

Share on Social Media

जोरू का गुलाम

राधा आटा गूंधते गूंधते बडबडा रही थी ” पता नहीं क्या ज्योतिष पढ रखी है इस आदमी ने हर बात …

Read more

Share on Social Media

सपेरे की बिटिया

कभी पढ़ने आती थी हमारे स्कूल में, सपेरो की बस्ती से————— एक सपेरे की बिटिया। वे तमाम किस्से सुनाती थी …

Read more

Share on Social Media

बैरी_सावन

मन के दबे से दर्द जगाने फिर से बैरी सावन आया। सूना आँगन सूनी बगिया माना नहीं है कोई घर …

Read more

Share on Social Media

बच्चों पर निवेश

बच्चों पर निवेश करने की सबसे अच्छी चीज है अपना समय और संस्कार          -स्वामी विवेकानंद 

Share on Social Media

लघुकथा – सूकून

कुमार गौरव मौलिक एवं अप्रकाशित एक छुट्टी के दिन कोई पत्रकार कुछ अलग करने के ख्याल से जुगाड़ लगाकर ताजमहल …

Read more

Share on Social Media

अटूट बंधन

अटूट बंधन ब्लॉग की नींव “सर्वजन हिताय , सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित हो कर रखी गयी है | …

Read more

Share on Social Media

कैंसर

कैंसर बस एक ही शब्द  काफी था सुनने के लिए  अनसुनी ही रह गयी  उसके बाद दी  गयी सारी  हिदायते  …

Read more

Share on Social Media

इंतजार

इन्तजार कोई भी करे किसी का भी करे पीड़ादायी और कष्टदायी ही होता है लेकिन बदनसीब होते हैं वो लोग जिनकी जिन्दगी में किसी के …

Read more

Share on Social Media
error: