अटूट बंधन
कुछ हाइकू…….पृथ्वी दिवस पर
(1) धरा दिवस लगें वृक्ष असंख्य करें प्रतिज्ञा। (२) माता धरती करें चिंता इसकी शिशु समान। …
चार साधुओं का प्रवचन
एक बार की बात है चार साधू जो आपस में मित्र थे तीर्थ यात्रा कर के लौटे | वो लोगों …
शब्द सारांश का भव्य वार्षिकोत्सव एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह
शब्द सारांश का भव्य वार्षिकोत्सव एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह दस अप्रैल रविवार को नगर की प्रसिद्ध साहित्य एवं सामाजिक संस्था शब्द सारांश …
आज गंगा स्नान की नहीं गंगा को स्नान कराने की आवश्यकता है
गंगा एक शब्द नहीं जीवन है , माँ है , ममता है | गंगा शब्द से ही मन असीम …
फेसबुक एप – ये फेसबुक है ये सब जानती है
आपको एक पुरानी फिल्म जरूर याद होगी | नाम था शतरंज के खिलाड़ी | वो नवाबों के ज़माने की फिल्म …
अजय चन्द्रवंशी की लघु कवितायें
#तटस्थ# वह कशमकश में है वह किस तरफ है क्योकि उसे मालूम है वह किस तरफ है #गाली और क्रांति# …
परी का गिफ्ट
दोस्तों हम सब अधिकतर या तो अतीत में रहते हैं या भविष्य में | वर्तमान में कोई रहना ही नहीं …
अटूट बंधन वर्ष -२ अंक -६ सम्पादकीय :समग्र जीवन की सफलता
समग्र जीवन की सफलता जब जानी थी सुख –दुःख की परिभाषा तब बड़ी ही सावधानी से खींच दिया था एक …
अटूट बंधन वर्ष -२ अंक -५ सम्पादकीय : किसी का जाना …कभी जाना नहीं होता
किसी का जाना ….कभी जाना नहीं होता लाल –पीले हरे नीले रंगों से इतर कुछ अलग ही होते हैं रिश्तों …
अटूट बंधन वर्ष- २ अंक – ६ अनुक्रमाणिका
अटूट बंधन वर्ष -२ अंक -६ अनुक्रमाणिका 1)सम्पादकीय – नजरिया बनाता है विजेता 2 )कार्यकारी संपादक का सम्पादकीय – समग्र …
रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून
… आज विश्व जल संरक्षण दिवस पर मुझे कवि रहीम का दोहा……. रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब …
सृजन व् विनाश
एक बीज जब बढ़ता है तो कोई शोर नहीं करता एक पेड़ जब गिरता है तो बहुत आवाज़ होती है …
होलिका दहन-वर्ण पिरामिड
1– हो दर्प दहन खिलें रंग अपनों संग प्रेम विश्वास के होली के उल्लास में। ————————– 2– आ छोड़ें अपनी …
सद्विचार – रिश्तों की परवाह
आप जिन रिश्तों की परवाह करते हैं उनके सामने अपनी भावनाओं की स्वीकारोक्ति में देर मत करिए क्योंकि उनके जाने …