विटामिन जिन्दगी- नज़रिए को बदलने वाली एक अनमोल किताब
इस सदन में मैं अकेला ही दिया हूँ, मत बुझाओ ! जब मिलेगी, रोशिनी मुझसे मिलेगी पाँव तो मेरे थकन …
इश्क के रंग हज़ार -उलझते सुलझते रिश्तों पर सशक्त कहानियाँ
जीवन में खुश रहने के लिए मूलभूत आवश्यकताओं ( रोटी कपड़ा और मकान ) के बाद हमारे जीवन में सबसे …
पालतू बोहेमियन – एक जरूर पढ़ी जाने लायक किताब
प्रभात रंजन जी की मनोहर श्याम जोशी जी के संस्मरणों पर आधारित किताब ‘पालतू बोहेमियन’ अपने नाम से वैसे ही …
पुरानी फाँक
पूर्वानुमान या इनट्युशन किसी को क्यों होता है इसके बारे में ठीक से कहा नहीं जा सकता | फिर भी …
वो पहला क्रश
फोटो –WIKIHOW.COM से साभार यूँ तो सोशल मीडिया हर समय सनसनीखेज रहता है | कब युद्ध करवा दे और कब …
वो प्यार था या कुछ और था
जो मैं ऐसा जानती कि प्रीत किये दुःख होय , नगर ढिंढोरा पीटती , की प्रीत न करियो कोय …
मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है –संवाद शैली की खूबसूरत आदयगी
आजकल युवा लेखक बहुत अच्छा लिख रहे हैं | अपनी भाषा,प्रस्तुतीकरण और शिल्प सभी में वो खूब प्रयोग …
श्रीकृष्ण वंदना
जन्माष्टमी प्रभु श्रीकृष्ण के धरती पर अवतरण का दिन है | दुनिया भर में भक्तों द्वारा यह पर्व हर्षौल्लास के …
अन्त: के स्वर – दोहों का सुंदर संकलन
सतसैयां के दोहरे, ज्यूँ नाविक के तीर | देखन में छोटे लगे, घाव करें गंभीर || वैसे ये दोहा …
अक्टूबर जंक्शन -जिन्दगी के फलसफे की व्याख्या करती प्रेम कहानी
वास्तवमें प्रेम क्या है ? इसकी कोई परिभाषा नहीं है और हम सब इसे अपनी -अपने तरह से परिभाषित करने …
गुड़िया का ब्याह —
बेटों के लिए मन्नत माँगी जाती है और बेटियाँ पैदा हो जाती हैं …अनचाही सी | इसीलिए तो माता -पिता …
अटल बिहारी बाजपेयी की पाँच कवितायें
फोटो क्रेडिट -वेब दुनिया जब भी राजनीति में ऐसे नेताओं की बात आती है जिन्हें पक्ष व् विपक्ष दोनों के …
विद्या सिन्हा – करे फिर उसकी याद छोटी-छोटी सी बात …
फोटो क्रेडिट -इंडियन एक्सप्रेस ना जाने क्यों होता है ये जिन्दगी के साथ , अचानक ये मन किसी के जाने …
रक्षा बंधन का एक धागा हमारे कश्मीर की कलाई पर …
अबकी बरस भेज भैया को बाबुल सावन में लीजो बुलाय …बंदिनी फिल्म का यह गीत चाहे कितना भी पुराना क्यों …
अटल बिहारी बाजपेयी की पुण्य तिथि पर -हम जंग न होने देंगे
हम जंग न होने देंगे विश्व शांति के साधक हैं, जंग न होने देंगे ! भारत -पकिस्तान पड़ोसी साथ -साथ …
भूत-खेला –रहस्य –रोमांच से भरी भयभीत करने वाली कहानियाँ
मेरे पास नहीं है कोई सुरक्षा कवच | मैं फिर भी प्रेतों को आमंत्रित करती हूँ | आओ, मुझे और …
डॉ. सिताबो बाई -मुक्त हुई इतिहास के पन्नों स्त्री संघर्ष की दास्तान
डॉ.सिताबो बाई जन्म – १९२५ विक्रमी संवत पिता -बाबू राम प्रसाद सिंह विवाह -मौजा कादीपुर जिला बनारसछात्रवृत्ति के सहारे शिक्षा …