मदर्स डे : माँ को समर्पित कुछ भाव पुष्प ~रंगनाथ द्विवेदी
जहाँ एक तरफ माँ का प्यार अनमोल है वही हर संतान अपनी माँ के प्रति भावनाओं का समुद्र सीने में …
मदर्स डे पर विशेष- प्रिय बेटे सौरभ
एक माँ का पत्र बेटे के नाम प्रिय बेटे सौरभ , आज तुम पूरे एक साल के हो …
अवतारों तथा महापुरूषों के कष्टमय जीवन हमें प्रभु की राह में सब प्रकार के कष्ट सहने की सीख देते हैं!
– डाॅ. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) जब-जब राम ने जन्म लिया तब-तब पाया वनवास:- …
सतीश राठी की लघुकथाएं
===माँ === बच्चा , सुबह विधालय के लिए निकला और पढ़ाई के बाद खेल के पीरियड में ऐसा रमा कि …
फॉरगिवनेस : जब मैंने अपने माता – पिता को माफ़ किया
क्षमा करना किसी कैदी को आज़ाद करना है , और ये समझना है की वो कैदी आप खुद हैं …
रिश्तों में पारदर्शिता : या परदे उखाड़ फेंकिये या रिश्ते
पारदर्शिता किसी रिश्ते की नीव है | रहस्य के पर्दों में रिश्तों को मरते देर नहीं लगती – बॉब मिगलानी …
विश्व हास्य दिवस : हास्य योग : एक टॉनिक
कहा जाता है कि एक हंसी सौ इलाज के बराबर होती है. हंसी को योग का दर्जा मिल चुका है. …
बाल परित्यक्ता
डॉ मधु त्रिवेदी जुम्मे – जुम्मे उसने बारह बसंत ही देखे थे कि पति ने परस्त्री …
शूटिंग के मेरे तरीके को सेना ने सिद्धांत बना लिया– सीमा राव, देश की पहली महिला कमांडो टेªनर
मेरे पिता रमाकांत सिनारी पुर्तगाल से गोवा की मुक्ति के आंदोलन से जुड़े थे। पिता की स्वतंत्रता सेनानी के रूप …
ब्लैक डॉट पर ही फोकस क्यों ?
हमारी जिंदगी में हमारे विचारों का बहुत महत्व होता है | अक्सर आपने पढ़ा होगा कि हम जैसे विचार रखते …
उत्साह सबसे बड़ी शक्ति और आलस्य सबसे बड़ी कमजोरी है
– प्रदीप कुमार सिंह, शैक्षिक एवं वैश्विक चिन्तक (1) आलस्य से हम सभी परिचित हैं। काम करने का मन न …
निर्भया को न्याय है
रचयिता—–रंगनाथ द्विवेदी। जज कालोनी,मियाँपुर जौनपुर। ये महज़ फाँसी नहीं————— उस निर्भया को न्याय है। जो चीखी,तड़पी,छटपटाई तेरी विकृत कुंठा के …
सेल्फ केयर : आखिर हम खुद को सबसे आखिरी में क्यों रखते हैं
हमेशा सबकी मदद करने के लिए आगे रहिये , पर खुद को पीछे मत छोड़ दीजिये – अज्ञात …