गहरा दुःख : आओ बाँट ले दर्द शब्दों से परे
सबसे पीड़ादायक वो ” गुड बाय ” होते हैं जो कभी कहे नहीं जाते और न ही कभी उनकी व्याख्या …
सबसे पीड़ादायक वो ” गुड बाय ” होते हैं जो कभी कहे नहीं जाते और न ही कभी उनकी व्याख्या …
हजारों किलोमीटर की यात्रा की शुरुआत बस एक कदम से होती है मुहल्ले के अंकल जी वॉकर ले कर ८० …
साधना सिंह कतरा कतरा पिघल रहा है दिल नही मेरा संभल रहा है || हवा भी ऐसे सुलग रही …
बचपन में एक गाना अक्सर सुनते थे “लिखे जो खत तुझे वो तेरी याद में हज़ारों रंग के सितारे बन …
लेखक:- पंकज प्रखर कोटा(राज.) स्त्रीऔर नदी दोनों ही समाज में वन्दनीय है तब तक जब तक कि वो अपनी सीमा …
सुशील यादव पिता , बस दो दिन पहले आपकी चिता का अग्नि-संस्कार कर लौटा था घर …. माँ की नजर …
कल से जिस संख्या में नन्हे से गुलाबी दिल देखने को मिल रहे हैं उसके हिसाब से तो आज बहुत …
जो आशावादी था उसने हवाई जहाज बनाया , जो डिफेंसिव पेसिमिस्ट था उसने पैराशूट बनाया | दोनों ही सफल हैं …
वो बेटी ही थी | और शादी के बाद बहू बन गयी | • सर पर पल्ला रखो ~ अब …
कई बार तब हम भोजन में अपनी समस्याओं का समाधान ढूँढने लगते हैं जब भावनाएं हमें खा रही होती हैं …
लेखिका -राधा शर्मा ( मुंबई -महाराष्ट्र ) कल रास्ते में निधि मिली | निधि उम्र ३२ साल एक घरेलू महिला …
एक बगीचे में एक घास का फूल था वह अपने अन्य साथी घास के फूलों के साथ ईंटों की आड़ …
– डा0 जगदीश गाँधी, संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) परमात्मा तथा उसके सेवक छुट्टी कर लें तो संसार तथा …
नेहा नाहटा,जैन दिल्ली माला फेरकर जैसी ही प्रेरणा ने आँखे खोली,सामने खड़ी बेटी और पतिदेव ठहाके मारने लगे । मान्या …