अटूट बंधन
‘‘स्वतंत्रता दिवस’’ पर विशेष लेख : भारत बनेगा फिर से विश्व गुरु
15 अगस्त ‘‘स्वतंत्रता दिवस’’ पर विशेष लेख – डाॅ. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) हम …
आइये स्वतंत्रता दिवस पर संकल्प लें नए भारत के निर्माण का
15 अगस्त ‘‘स्वतंत्रता दिवस’’ पर विशेष लेख – डाॅ. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) हम …
कस्बे की लड़की से नदिया एक्सप्रेस तक – झूलन गोस्वामी, महिला क्रिकेटर
प्रस्तुति – मीना त्रिवेदी संकलन – प्रदीप कुमार सिंह वह अपने इलाके की सबसे लंबी लड़की थीं। सड़क पर चलतीं, …
नदी की धारा
डॉ० मधु त्रिवेदीप्राचार्यशान्ति निकेतन कॉलेज ऑफ बिज़नेसमैनेजमेन्ट एण्ड कम्प्यूटर साइन्स आगरा। जीवन संध्या में दोनों एक दूसरे के लिए नदी …
पवित्र ‘‘गीता’’ सभी को कर्तव्य एवं न्याय के मार्ग पर चलने की सीख देती है!
जन्माष्टमी पर्व पर विशेष लेख /janmashtami par vishesh lekh – डाॅ. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ …
कृष्ण की गीता और मैं
सत्या शर्मा ‘कीर्ति ‘ और फिर न्याय की देवी के समक्ष वकिल साहिबा ने कहा — गीता पर हाथ रख …
जब आप किसी की तरफ एक अँगुली उठाते हैं तो तीन अंगुलियाँ आप कीतरफ उठती हैं
भा भू अ पुरस्कार – प्रसंग सात समंद की मसि करौं स्त्री लेखको को जो लानतें – मलानतें पिछले दिनों …
अस्पताल गोरखपुर
गोरखपुर के उन बह रहे तमाम आँसुओ को समर्पित एक पीड़ा——- चालीस बच्चो की मौत पे भी शिकन नही——- बड़ी …
आखिर हम इतने अकेले क्यों होते जा रहे हैं ?
वंदना बाजपेयी शहरीकरण संयुक्त परिवारों का टूटना और बच्चों का विदेश में सेटल हो जाना , आज अकेलापन महानगरीय जीन …
संवेदनाओं का मीडियाकारण: नकारात्मकता से अपने व् अपने बच्चो के रिश्ते कैसे बचाएं ?
– अभी हाल में खबर आई की मुंबई की एक वृद्ध माँ का बेटा जब डेढ़ साल बाद आया तो …
हमारे बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं..!
किरण सिंह जिन्होंने अपने सुन्दर घर बगिया को अपने खून पसीने से सींच सींच कर उसे सजाया हो इस आशा …
एवरेस्ट की सबसे यंग विजेता – पूर्णा मलवथ
प्रस्तुति – पूजा कुमार संकलन – प्रदीप कुमार सिंह पूर्णा मलवथ एक बार फिर चर्चा में हैं। कारण वे …
बुजुर्गों को दें पर्याप्त स्नेह व् सम्मान
सीताराम गुप्ता, दिल्ली आज दुनिया के कई देशों में विशेष रूप से हमारे देश भारत में बुज़ुर्गों की …
दर्द से कहीं ज्यादा दर्द की सोंच दर्दनाक होती है
दर्द की कल्पना उसकी तकलीफ को दोगना कर देती है | क्यों न हम खुशियों की कल्पना कर उसे दोगुना …
चोटी काटने वाले से दुखी हूँ
रंगनाथ द्विवेदी औरतो की कट रही चोटी पे एक लेखकीय सहानुभूति कुछ औरतो के चोटी कटने की खबर सुन—— मेरी …
टाईम है मम्मी
किरण सिंह जॉब के बाद ऋषि पहली बार घर आ रहा था..!कुछ छःमहीने ही हुए होंगे किन्तु लग रहा था …