अटूट बंधन
जीवित कामायनी
इंतजार करती है———– अपने कोठे पे बैठ हर शाम कोई ग्राहक। न आने पे फिर वहीं से खोलती है, जहा …
पेट्रोलियम पदार्थों की अंधाधुंध खपत पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा
petroleum और उससे उत्पाद जैसे जादुई पिटारे से निकला जिन्न | वो जिन्न जो हर समय काम करने को तैयार रहता …
बाबा का घर भरा रहे
एक औरत की डायरी – बाबा का घर भरा रहे हेलो , कैसी हो बिटिया फोन पर बाबूजी के …
सफलता के लिए बोर्ड एग्जाम की तैयारी के 11 उपयोगी टिप्स
आगामी मार्च में दसवीं व् बारहवीं की बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं | सभी विद्यार्थीं अपनी तैयारी को …
अंतर -8 अति लघु कथाएँ
जीवन में अनेक बार ऐसा होता है की एक जैसी दो परिस्थितियों में स्पष्ट अंतर दिखाई देता हैं | क्यों …
बातूनी लड़की
मुस्लिम हो गई———– मुझ ब्राह्मण के गोद की वे बातूनी लड़की। एक वालिद सा मेरा ख़याल रखती थी, आज आई …
प्रेरक कथा – दूसरी गलती
स्वर्ग – नरक भले ही कल्पना हो | पर इन कल्पनाओं के माध्यम से हमें जीवन का मार्ग बताने की …
जीवन के विकास के लिए काम और आराम दोनों ही जरूरी हैं!
काम और आराम में संतुलन बनाने से जीवन सफल बनता है:- कुछ लोग काम को अधिक महत्त्व देते हैं और …
स्त्री ही स्त्री की शक्ति – मैत्रेयी पुष्पा
अवसर था हिंदी भवन में हिंदी मासिक पत्रिका “ अटूट बंधन “ के सम्मान समारोह – २०१५ के आयोजन का …
टूटते रिश्ते – वजह अवास्तविक उम्मीदें तो नहीं
शादियों का मौसम है | खुशियों का माहौल है | नए जोड़े बन रहे हैं | कितने अरमानों से दो …
सुधीर द्विवेदी की लघुकथाएं
लघु कथाएँ साहित्य लेखन की लोकप्रिय विधा है| जिसमें थोड़े शब्दों में अपनी पूरी बात कह देनी होती है | …
कविता -रेशमा
“रेशमा” महज़ एक लड़की नही बल्कि वे मुझ जैसे किसी शायर की मुहब्बत थी————— तेरे शहर में———– आज रात मै …
अपरिग्रह -वस्तुओं से अत्यधिक प्यार रिश्तों व् मानवता के लिए खतरा
प्रायः ऐसी घटनाएँ देखने-सुनने में आती हैं कि किसी नौकर से कोई चीज़ टूट गई या कुछ नुक़सान हो गया …
खंडित यक्षिणी
An emotional story on breast cancer प्रिया ने विदेश में रह रहे अपने पति …
धर्म , मजहब , रिलिजन नहीं स्वाभाविक संवेदना से आती है सही सोंच
कभी किसी खाली वक़्त में गौर से अपने आस पास के मज़हबी लोगों को देखिएगा….अजब हैरान परेशान से आत्मसंतोष का …
क्या आप भी दूसरों की पर्सनालिटी पर टैग लगाते हैं ?
रुकिए … रुकिए, आप इसे क्यों पढेंगें | आप की तो आदत है फ़िल्मी , मसाला या गॉसिप पढने की …