अटूट बंधन
अपरिग्रह -वस्तुओं से अत्यधिक प्यार रिश्तों व् मानवता के लिए खतरा
प्रायः ऐसी घटनाएँ देखने-सुनने में आती हैं कि किसी नौकर से कोई चीज़ टूट गई या कुछ नुक़सान हो गया …
खंडित यक्षिणी
An emotional story on breast cancer प्रिया ने विदेश में रह रहे अपने पति …
धर्म , मजहब , रिलिजन नहीं स्वाभाविक संवेदना से आती है सही सोंच
कभी किसी खाली वक़्त में गौर से अपने आस पास के मज़हबी लोगों को देखिएगा….अजब हैरान परेशान से आत्मसंतोष का …
क्या आप भी दूसरों की पर्सनालिटी पर टैग लगाते हैं ?
रुकिए … रुकिए, आप इसे क्यों पढेंगें | आप की तो आदत है फ़िल्मी , मसाला या गॉसिप पढने की …
ईश्वर का वाचक शब्द – ओ३म् (ॐ) या ओंकार
ओम शब्द का गठन वास्तविकता मनुष्य जाति के सबसे महान अविष्कारों में से एक है। ओ३म् (ॐ) या ओंकार का …
समाज में बढ़ते नैतिक अवमूल्यन के लिए कौन जिम्मेदार है ?
आज हर व्यक्ति जो थोडा बहुत भी भावनात्मक है,देश की इस हालत से चिंतित है,भारतीय समाज का नैतिक अवमूल्यन क्रमोत्तर …
प्यार का एहसास
राहुल बंबई में पैदा हुआ और उस समय उसके पिता किसी निजी कंपनी में कार्य करते हुए अपना नया काम …
भोले- भक्त
बचपन में माँ जब देवी – देवताओं की कहानियाँ सुनाया करती थी तो कमरे में दीवार पर जो भोले …
दहेज़ प्रथा – मुझे जीवनसाथी के एवज में पैसे देना स्वीकार नहीं
दहेज क्या है? विवाह के समय माता-पिता द्वारा अपनी संपत्ति में से कन्या को कुछ धन, वस्त्र, आभूषण आदि के …
फिल्म पद्मावती से रानी पद्मावती तक बढ़ता विवाद
आज संजय लीला भंसाली के कारण रानी पद्मावती व् जौहर व्रत फिर से चर्चा में है | फिल्म पर बहसें …
प्रदूषण की मार झेलती दिल्ली
पेड़ पौधे हैं लाभकारी पर्यावरण के हैं हितकारी । जी हाँ , अपने घर और आसपास पेड़ पौधों को लगाने …
दुख से बाहर आने का प्रयास है संघर्ष
जीवन के हर मोड़ पर कोई न कोई विषमता, कोई न कोई अभाव मुँह उठाए ही रहता है। …
कितने जंगल काटे हमने, कितने वृक्ष गिराए हैं
कितने जंगल काटे हमनेकितने वृक्ष गिराए हैंनीड़ बिना बेघर पंक्षीमौसम ने मार गिराए हैंकितने—चारों ओर कोलाहल भारीजहर घुल गया सांसों …
रिश्तों में मिठास घोलते फैमिली फंक्शन
भतीजी की दूसरी वर्षगांठ पर अपने मायके बलिया जाने की तैयारी करते हुए पिछले वर्ष के स्मृति वन में खग …
अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस -परिवार में अपनी भूमिका के प्रति सम्मान की मांग
मिसेज गुप्ता कहती हैं की उस समय परिवार में सब कहते थे, “लड़की है बहुत पढाओ मत | एक …
हे ईश्वर, क्या वो तुम थे
ईश्वर हैं की नहीं हैं | हम इस पर कभी न् खत्म होने वाली बहस कर सकते हैं | पक्ष …