समाज में बढ़ते नैतिक अवमूल्यन के लिए कौन जिम्मेदार है ?

  आज हर व्यक्ति जो थोडा बहुत भी भावनात्मक है,देश की इस हालत से चिंतित है,भारतीय समाज का नैतिक अवमूल्यन क्रमोत्तर …

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प्यार का एहसास

राहुल बंबई में पैदा हुआ और उस समय उसके पिता किसी निजी कंपनी में कार्य करते हुए अपना नया काम …

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भोले- भक्त

   बचपन में माँ जब देवी – देवताओं की कहानियाँ सुनाया करती थी तो कमरे में दीवार पर जो भोले …

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दहेज़ प्रथा – मुझे जीवनसाथी के एवज में पैसे देना स्वीकार नहीं

दहेज क्या है? विवाह के समय माता-पिता द्वारा अपनी संपत्ति में से कन्या को कुछ धन, वस्त्र, आभूषण आदि के …

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गैंग रेप

सुबह-सुबह ही मंदिर की सीढ़ियों के पास एक लाश पड़ी थी,एक नवयुवती की। छोटा सा शहर था, भीड़ बढ़ती ही …

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कितने जंगल काटे हमने, कितने वृक्ष गिराए हैं

कितने जंगल काटे हमनेकितने वृक्ष गिराए हैंनीड़ बिना बेघर पंक्षीमौसम ने मार गिराए हैंकितने—चारों ओर कोलाहल भारीजहर घुल गया सांसों …

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अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस -परिवार में अपनी भूमिका के प्रति सम्मान की मांग

  मिसेज गुप्ता कहती हैं की उस समय परिवार में सब  कहते थे, “लड़की है बहुत पढाओ  मत | एक …

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सवाल का जवाब

जेब में पड़ा आखिरी दस का नोट निकाल उसे बड़े गौर से निहार रहा था, ये सोचते हुए की अभी …

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