आखिरी मुलाकात
उसकी सूरत जैसे ओस की बूँदें जमीं हो मखमली दूब पर . निश्चल शीशे की मानिंद . सरलता की मूरत…कोई …
उसकी सूरत जैसे ओस की बूँदें जमीं हो मखमली दूब पर . निश्चल शीशे की मानिंद . सरलता की मूरत…कोई …
गुनगुनी धूप में—————— खुले बाल तेरा छत पे टहलना, एक खूबसूरत एहसास है। मै तकता हू एकटक तुम्हे चोर नज़र, …
‘तो क्या हो गया बेचारी विधवा है खुश हो जाएगी |’ ये शब्द जैसे ही सोनम के कानो में पढ़े …
मुझे पता है आप इस लेख के शीर्षक को पढ़ते ही नकार देंगे | पेरेंट्स वो भी टॉक्सिक ? …
आज हम आपके लिए लेकर आये हैं एक बाल कहानी | ये बाल कहानी है उस नन्हे बच्चे के बारे …
“पुत्तर छेत्ती कर, वेख, चा ठंडी होंदी पई ए।” बीजी की तेज़ आवाज़ से उसकी तन्द्रा भंग हुई। रंग में …
इसे सुखद संयोग ही कहा जाएगा की जिस दिन मैंने फ्लिपकार्ट पर रश्मि रविजा जी का उपन्यास ” कांच के शामियाने …
प्रिंट मीडिया डिजिटल मीडिया में भविष्य किसका बेहतर है ? जब ये प्रश्न मुझसे किया गया तो मुझे लगा …
संदीप माहेश्वरी … यानी एक दब्बू सा लड़का जो हर बात में घबरा जाता था | पारिवारिक परिस्थितियों की वजह …
कभी बचपन में साँप – सीढ़ी का खेल खेला है |बड़ा ही रोमांचक खेल है | हम पासा फेंकते हैं …
कई दिनों से वो गौरैया उस रोशनदान पर घोसला बनाने में लगी थी | वो एक-एक तिनका अपने चोंच में …
आलोक जल्दी-जल्दी सीढ़ियाँ चढ़ता ,हाँफता प्लेटफार्म पर पहुँचा तो अभी पूरे पाँच मिनट बाक़ी थे……8:40 की ट्रेन थी और अभी …
फोटो क्रेडिट –विकिमीडिया कॉमन्स ईश्वर से शिकायतें करना सबसे आसान काम है | हम सब इसे बड़ी कुशला से करते …
हम सब चाहते हैं की हमारे रिश्ते अटूट बंधन में बंधे रहे | इसके लिए प्रयास भी करते हैं |कभी …
बहुत समय पहले की बात है भारत के दक्षिण में उस समय राजा चंद्रसेन का राज्य था | यूँ तो …
वेग से बह रहा समय, उम्र कटती जा रही है । विरह की बह रही नदी, सब्र घटता जा रहा …
बाबा कितने दिन , महीने बरस बीत गए जब बांधा था तुमने ये अटूट बंधन एक अपरिचित अनजान से और …
(कहानी)अंतिम इच्छा मोहन लाल जी मृत्यु शैया पर थे! उनके परिवार के सदस्य भी उनकी आखरी साँसे गिन रहे थे! …