अटूट बंधन
इको जिंदगी की
सरिता जैन एक बच्चे ने अपने पिता से पूंछा ,” पिताजी ये जिन्दगी क्या है | और ये हम सब …
बरसने की जरुरत न पड़े
रंगनाथ द्विवेदी या खुदा————– उसके रोने से धुल जाये मेरी लाश इतनी, कि बदलियो को घिर-घिर के बरसने की जरुरत …
सफल व्यक्ति ~आखिर क्या है इनमें ख़ास
पंकज प्रखर मानव ईश्वर की अनमोल कृति है लेकिन मानव का सम्पूर्ण जीवन पुरुषार्थ के इर्दगिर्द ही रचा बसा हैगीता …
मां ने कभी हारने नहीं दिया – पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मरियप्पन थंगावेलु के जीवन का साहस भरा जज्बा तथा जुनून
संकलन-प्रदीप कुमार सिंह मरियप्पन का जन्म तमिलनाडु के सेलम जिले से 50 किलोमीटर दूर पेरियावादागामपट्टी गांव में हुआ। बचपन में …
लड़का हो या लड़की मकसद होता है हराना जीना इसी का नाम है – जमुना बोडो: महिला बाॅक्सर
संकलन – प्रदीप कुमार सिंह असम के शोणितपुर जिले में छोटा सा गांव है बेलसिरि। यह ब्रह्नमपुत्र नदी के …
हमेशा खुश रहने के लिए अपनाएं 15 आदतें
सीताराम गुप्ता कौन है जो प्रसन्न रहना नहीं चाहता? हम सभी प्रसन्न रहना चाहते हैं। प्रसन्न रहने के लिए क्या …
उन्हें पानी पिलाता हूूँ जिन्हें लोग दुत्कारते हैं – ओकारनाथ कथारिया
संकलन – प्रदीप कुमार सिंह मैं 2012 से दिल्ली की सड़कों पर आॅटो चला रहा हूं। शुरू से गर्मी …
सुने अपने अंत : प्रेरणा की आवाज़
अपनी अंत : प्रेरणा से निर्णय लें | तब आप की गलतियाँ आपकी अपनी होंगीं , न की किसी और …
अनार से महंगा टमाटर खा रहा हूं ( हास्य – व्यंग कविता )
रंगनाथ द्विवेदी अनार से महंगा टमाटर खा रहा हूं। आ गये अच्छे दिन——— मै इलू-इलू गा रहा हूं, अनार से …
मेरी पहचान , मेरी प्रतिभा
एक तरफ बंधन है एक तरफ मुक्ति ……………. यह आप के ऊपर है आपप्नी सुन्दरता की तारीफ़ सुनना पसंद करती …
छुट्टी का दिन
नीलम गुप्ता आज छुट्टी का दिन है ……… आज बच्चे देर से उठेंगे तय नहीं है कब नहायेंगे नहायेंगे भी …
क्षितिज संस्था की पावस काव्य गोष्ठी
वर्षा ऋतु के स्वागत में क्षितिज संस्था द्वारा देवी अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय इंदौर के अध्ययन कक्ष में ‘पावस कविता गोष्ठी’ …
राधा कृष्ण “अमितेन्द्र ” जी की कवितायें
******स्थिति और परिस्थिति****** स्थिति और परिस्थिति सभी को अपने ढ़ंग से नचाता है…. कोई याद रखता है , कोई भूल …
गुमनाम गांव से संसद तक तक सफर – फावजिया कूफी, मानव अधिकार कार्यकर्ता
संकलन: प्रदीप कुमार सिंह फावजिया का जन्म अफगानिस्तान के एक सियासी परिवार में हुआ। उनके पिता की सात पत्नियां …
शराब नही लेकिन
-रंगनाथ द्विवेदी। तेरी सरिया मे शराब नहीं लेकिन———– हम पीने वालो के लिये खराब नही लेकिन। हम बाँट लेते है …