उन्हें पानी पिलाता हूूँ जिन्हें लोग दुत्कारते हैं – ओकारनाथ कथारिया
संकलन – प्रदीप कुमार सिंह मैं 2012 से दिल्ली की सड़कों पर आॅटो चला रहा हूं। शुरू से गर्मी …
संकलन – प्रदीप कुमार सिंह मैं 2012 से दिल्ली की सड़कों पर आॅटो चला रहा हूं। शुरू से गर्मी …
अपनी अंत : प्रेरणा से निर्णय लें | तब आप की गलतियाँ आपकी अपनी होंगीं , न की किसी और …
रंगनाथ द्विवेदी अनार से महंगा टमाटर खा रहा हूं। आ गये अच्छे दिन——— मै इलू-इलू गा रहा हूं, अनार से …
एक तरफ बंधन है एक तरफ मुक्ति ……………. यह आप के ऊपर है आपप्नी सुन्दरता की तारीफ़ सुनना पसंद करती …
नीलम गुप्ता आज छुट्टी का दिन है ……… आज बच्चे देर से उठेंगे तय नहीं है कब नहायेंगे नहायेंगे भी …
वर्षा ऋतु के स्वागत में क्षितिज संस्था द्वारा देवी अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय इंदौर के अध्ययन कक्ष में ‘पावस कविता गोष्ठी’ …
******स्थिति और परिस्थिति****** स्थिति और परिस्थिति सभी को अपने ढ़ंग से नचाता है…. कोई याद रखता है , कोई भूल …
संकलन: प्रदीप कुमार सिंह फावजिया का जन्म अफगानिस्तान के एक सियासी परिवार में हुआ। उनके पिता की सात पत्नियां …
-रंगनाथ द्विवेदी। तेरी सरिया मे शराब नहीं लेकिन———– हम पीने वालो के लिये खराब नही लेकिन। हम बाँट लेते है …
एक बार एक पादरी रास्ते पर टहल रहा था। उसने एक आदमी को देखा, जिसे अभी-अभी किसी नुकीले हथियार से …
अगर किसी बच्चे से पूंछा जाए ,” बेटा मम्मी कैसी होती हैं ? तो वो क्या जवाब देगा : सबसे …
संकलन – प्रदीप कुमार सिंह मेरा जन्म इंग्लैंड में हुआ था। वर्ष 1963 में अपने भाई के साथ …
सुमित्रा गुप्ता तुम्हीं से है…….. कभी शिकवा शिकायत हैकभी मनुहार इबादत हैमेरे प्यारे, मेरे भगवन, मेरे बंधु,तुम्हीं से है, तुम्हीं से …
आत्मीय बन्धुआंे से रक्त-दान की प्रार्थना – मेरी प्यारी बहिन श्रीमती शांति पाल ‘प्रीति’ का ब्लड कैंसर का इलाज पिछले …
– डाॅ. जगदीश गाँधी, संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ पंडित दीं दयाल उपाध्याय ( जन्म २५ सितम्बर १९१६–११ फ़रवरी १९६८) …
एक घड़ा पानी से भरा हुआ रखा रहता था। उसके ऊपर एक कटोरी ढकी रहती थी। घड़ा अपने स्वभाव से ही …
“ भाग्य बड़ा है या कर्म “ ये एक ऐसा प्रश्न है जिसका सामना हम रोजाना की जिन्दगी में करते …
सीताराम गुप्ता, दिल्ली में प्रदूषण का एक मुख्य कारण है वाहनों की बहुत ज़्यादा संख्या। यह स्थिति दिल्ली …