विविध
एक पाती नेह भरी -बहुत याद आ रही हो माँ!
आज तुम बहुत याद आ रही हो माँ! पर आज ही क्यों… तुम तो मुझे सदा ही इसी तरह याद …
युवाओं में “लिव इन रिलेशन “ की ओर झुकाव …आखिर क्यो ????
आज कल आधुनिकता का दौर तेजी से बढ़ रहा है आधुनिक सभ्यता ने इस कदर पाँव पसार लिए हैं कि …
राधा की समझदारी
क्या आप जो काम शुरू करते हैं उसे बीच में ही छोड़ देते हैं या पूरा खत्म करते हैं ? …
विश्व हास्य दिवस पर दो कवितायें
हँसी.. ख़ुशी का पर्याय है | हँसना वो तरंग है जिस पर जीवन उर्जा नृत्य करती है | फिर भी …
कच्ची नींद का ख्वाब
ख्वाबों की पूरी अपनी एक अलग ही दुनिया होती है | वो हकीकत की दुनिया से भले ही मेल न …
मुस्कुराते रहो -मुस्कान पर 21 अनमोल विचार
मुस्कराहट ईश्वर का दिया एक अनमोल उपहार है | पर न जाने क्यों हम इसे इस्तेमाल करने में कतराते हैं …
बुद्ध पूर्णिमा पर 17 हाइकु
हायकू काव्य की एक विधा है जो नौवी शताब्दी से प्रचलन में आई | ये बहुत ही गहन विधा है …
बुद्ध पूर्णिमा – भगवान् बुद्ध ने दिया समता का सन्देश
आज से 2500 वर्ष पूर्व निपट भौतिकता बढ़ जाने के कारण मानव के मन में हिंसा का वेग काफी बढ़ …
जीवन को दिशा दिखाते भगवान् बुद्ध के 21 अनमोल विचार
भगवान् गौतम बुद्ध का जन्म ५६३ इसवी पूर्व कपिलवस्तु के लुम्बनी मे हुआ था | बचपन में उनका नाम सिद्धार्थ …
मैं माँ की गुडिया , दादी की परी नहीं…बस एक खबर थी
वो मेरा चौथा जन्मदिन था माँ ने खुद अपने हाथों से सी कर दी थी गुलाबी फ्रॉक खूब घेर वाली …
राग पुराना
‘ तुमने तो फिर वही पुराना राग अलापना शुरू कर दिया .’ ‘ जीवन के बहुत से सच हमेशा ताजे …