विविध
2018 में लें हार न मानने का संकल्प
ये लो मिठाई , निक्की की पहली कमाई की है , फायनली सब कुछ ठीक हो गया , मेरे दरवाजा …
नई बहू (लघुकथा )
सेठानी के गुस्से की कोई सीमा ही नहीं थी। वह बड़बड़ाये जा रही थी “अब कंगले भिखरियों की भी इतनी …
स्वागत करिए प्रतियोगिता का
६ साल का नितिन अ ब स द लिखने की जगह लग गया पेंसिल से आडी –तिरछी रेखाएं खीचने …
बाबुल मोरा नैहर छूटो ही जाए …..
हाथों में मेहँदी, पाँव में आलता और मांग में ,सिन्दूरी आभा लिए खड़ी है दुल्हन देहरी पर आँखों से गालों …
ये इन्तज़ार के लम्हें
अनजान बेचैनियों में लिपटे, मेरे ये इन्तज़ार के लम्हें तुम्हें आवाज़ देना चाहते हैं.. पर मेरा मन सहम जाता …
तस्वीरों के लिए हो अलग फेसबुक ग्रुप
प्रत्येक व्यक्ति के अपने – अपने अलग – अलग पसंद नापसंद होते हैं इसलिए प्रत्येक व्यक्तियों की अवधारणा प्रत्येक व्यक्तियों …
आखिरी मुलाकात
उसकी सूरत जैसे ओस की बूँदें जमीं हो मखमली दूब पर . निश्चल शीशे की मानिंद . सरलता की मूरत…कोई …
एक खूबसूरत एहसास है
गुनगुनी धूप में—————— खुले बाल तेरा छत पे टहलना, एक खूबसूरत एहसास है। मै तकता हू एकटक तुम्हे चोर नज़र, …
आत्मसम्मान (लघुकथा)
‘तो क्या हो गया बेचारी विधवा है खुश हो जाएगी |’ ये शब्द जैसे ही सोनम के कानो में पढ़े …
जाने -अनजाने मत बनिए टॉक्सिक पेरेंट
मुझे पता है आप इस लेख के शीर्षक को पढ़ते ही नकार देंगे | पेरेंट्स वो भी टॉक्सिक ? …
बाल कहानी -जब झूठ महंगा पड़ा
आज हम आपके लिए लेकर आये हैं एक बाल कहानी | ये बाल कहानी है उस नन्हे बच्चे के बारे …
गली नंबर -दो
“पुत्तर छेत्ती कर, वेख, चा ठंडी होंदी पई ए।” बीजी की तेज़ आवाज़ से उसकी तन्द्रा भंग हुई। रंग में …
बहुत देर तक चुभते रहे “काँच के शामियाने “
इसे सुखद संयोग ही कहा जाएगा की जिस दिन मैंने फ्लिपकार्ट पर रश्मि रविजा जी का उपन्यास ” कांच के शामियाने …
प्रिंट या डिजिटल मीडिया -कौन है भविष्य का नम्बर वन
प्रिंट मीडिया डिजिटल मीडिया में भविष्य किसका बेहतर है ? जब ये प्रश्न मुझसे किया गया तो मुझे लगा …
सक्सेस को आसान बनाते संदीप माहेश्वरी के 35 सर्वश्रेष्ठ विचार
संदीप माहेश्वरी … यानी एक दब्बू सा लड़का जो हर बात में घबरा जाता था | पारिवारिक परिस्थितियों की वजह …
जीवन साँप -सीढ़ी का खेल
कभी बचपन में साँप – सीढ़ी का खेल खेला है |बड़ा ही रोमांचक खेल है | हम पासा फेंकते हैं …
ओ री गौरैया !
कई दिनों से वो गौरैया उस रोशनदान पर घोसला बनाने में लगी थी | वो एक-एक तिनका अपने चोंच में …