नई बहू (लघुकथा )
सेठानी के गुस्से की कोई सीमा ही नहीं थी। वह बड़बड़ाये जा रही थी “अब कंगले भिखरियों की भी इतनी …
सेठानी के गुस्से की कोई सीमा ही नहीं थी। वह बड़बड़ाये जा रही थी “अब कंगले भिखरियों की भी इतनी …
६ साल का नितिन अ ब स द लिखने की जगह लग गया पेंसिल से आडी –तिरछी रेखाएं खीचने …
हाथों में मेहँदी, पाँव में आलता और मांग में ,सिन्दूरी आभा लिए खड़ी है दुल्हन देहरी पर आँखों से गालों …
अनजान बेचैनियों में लिपटे, मेरे ये इन्तज़ार के लम्हें तुम्हें आवाज़ देना चाहते हैं.. पर मेरा मन सहम जाता …
प्रत्येक व्यक्ति के अपने – अपने अलग – अलग पसंद नापसंद होते हैं इसलिए प्रत्येक व्यक्तियों की अवधारणा प्रत्येक व्यक्तियों …
उसकी सूरत जैसे ओस की बूँदें जमीं हो मखमली दूब पर . निश्चल शीशे की मानिंद . सरलता की मूरत…कोई …
गुनगुनी धूप में—————— खुले बाल तेरा छत पे टहलना, एक खूबसूरत एहसास है। मै तकता हू एकटक तुम्हे चोर नज़र, …
‘तो क्या हो गया बेचारी विधवा है खुश हो जाएगी |’ ये शब्द जैसे ही सोनम के कानो में पढ़े …
मुझे पता है आप इस लेख के शीर्षक को पढ़ते ही नकार देंगे | पेरेंट्स वो भी टॉक्सिक ? …
आज हम आपके लिए लेकर आये हैं एक बाल कहानी | ये बाल कहानी है उस नन्हे बच्चे के बारे …
“पुत्तर छेत्ती कर, वेख, चा ठंडी होंदी पई ए।” बीजी की तेज़ आवाज़ से उसकी तन्द्रा भंग हुई। रंग में …
इसे सुखद संयोग ही कहा जाएगा की जिस दिन मैंने फ्लिपकार्ट पर रश्मि रविजा जी का उपन्यास ” कांच के शामियाने …
प्रिंट मीडिया डिजिटल मीडिया में भविष्य किसका बेहतर है ? जब ये प्रश्न मुझसे किया गया तो मुझे लगा …
संदीप माहेश्वरी … यानी एक दब्बू सा लड़का जो हर बात में घबरा जाता था | पारिवारिक परिस्थितियों की वजह …
कभी बचपन में साँप – सीढ़ी का खेल खेला है |बड़ा ही रोमांचक खेल है | हम पासा फेंकते हैं …
कई दिनों से वो गौरैया उस रोशनदान पर घोसला बनाने में लगी थी | वो एक-एक तिनका अपने चोंच में …
आलोक जल्दी-जल्दी सीढ़ियाँ चढ़ता ,हाँफता प्लेटफार्म पर पहुँचा तो अभी पूरे पाँच मिनट बाक़ी थे……8:40 की ट्रेन थी और अभी …
फोटो क्रेडिट –विकिमीडिया कॉमन्स ईश्वर से शिकायतें करना सबसे आसान काम है | हम सब इसे बड़ी कुशला से करते …