विविध
हाँ, उस युग का वासी हूँ मैं
व्यंग्य –लेख अशोक परूथी “मतवाला“ मेरे युग में, {व्हट्सअप ओर सोशल मिडिया के जन्म से पहले), भी खबरें ‘वेरी फ़ास्ट‘ …
शिवराज सिंह चौहान यानी मंदसौर का जनरल डायर
– रंगनाथ द्विवेदी। जज कालोनी,मियाँपुर जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)। जी हाँ! किसानो का पेट और सीना चाक करती वे पुलिसिया गोली,गुलाम हिन्दुस्तान की …
क्रांति ने मुश्किलें दी खेल से मिला प्यार – नादिया कोमानेची की अपनी कहानी
मेरा जन्म 12 नवंबर, 1961 को रोमानिया के एक छोटे से शहर ओनेस्टी में हुआ था। जल्द ही मेरे …
स्त्री देह और बाजारवाद ( भाग – तीन ) -कब औरत को उसका पूरा मान सम्मान दिया गया ?
दिनांक ६ /६ /17 को स्त्री देह और बाजारवाद पर एक पोस्ट डाली थी | जिस पर लोगों ने अपने …
स्त्री देह और बाज़ारवाद ( भाग – २ ) – लडकियां भी अपनी सोंच बदलें
कल स्त्री देह और बाजारवाद पर एक पोस्ट डाली थी | जिस पर लोगों ने अपने अपने विचार रखे | …
रंडी—एक वीभत्स और भयावह यथार्थ
“अँधेरी रात मे——- वे शहर की स्ट्रिट लाइट से टेक लगा, अपना आधे से अधिक वक्षस्थल खोले, किसी ग्राहक को …
स्त्री देह और बाजारवाद
बाजारवाद ने सदा से स्त्री को केवल देह ही समझा | पुरुषों के दाढ़ी बनाने के ब्लेड ,शेविंग क्रीम , …
इमोशनल ट्रिगर्स –क्यों चुभ जाती है इत्ती सी बात
ज्ञान वह क्षमता है जिससे हम अपने गहरे दर्द भरे घाव को भर सकें हाय फ्रेंड्स मैं मीरा | …
खिलो बच्चो , की मेरे सपनों की कैद से आज़ाद हो तुम्हारे सपने
ये जिंदगी हमेशा नहीं रहने वाली है | वो क्षण जो अभी आपके हाथ में सितारे की तरह चमक रहा …
गहरा दुःख : आओ बाँट ले दर्द शब्दों से परे
सबसे पीड़ादायक वो ” गुड बाय ” होते हैं जो कभी कहे नहीं जाते और न ही कभी उनकी व्याख्या …
अरे ! , चलेंगे नहीं तो जिंदगी कैसे चलेगी |
हजारों किलोमीटर की यात्रा की शुरुआत बस एक कदम से होती है मुहल्ले के अंकल जी वॉकर ले कर ८० …
कतरा कतरा पिघल रहा है
साधना सिंह कतरा कतरा पिघल रहा है दिल नही मेरा संभल रहा है || हवा भी ऐसे सुलग रही …
वो पहला खत
बचपन में एक गाना अक्सर सुनते थे “लिखे जो खत तुझे वो तेरी याद में हज़ारों रंग के सितारे बन …
स्त्री और नदी का स्वच्छन्द विचरण घातक और विनाशकारी
लेखक:- पंकज प्रखर कोटा(राज.) स्त्रीऔर नदी दोनों ही समाज में वन्दनीय है तब तक जब तक कि वो अपनी सीमा …
स्मृति – पिता की अस्थियां ….
सुशील यादव पिता , बस दो दिन पहले आपकी चिता का अग्नि-संस्कार कर लौटा था घर …. माँ की नजर …
ब्रेस्ट कैंसर – गुलाबी दिल नहीं जानकारी ही बचाव है
कल से जिस संख्या में नन्हे से गुलाबी दिल देखने को मिल रहे हैं उसके हिसाब से तो आज बहुत …