अटूट बंधन
सावन अट्ठारह साल की लड़की है
कविता के सौदर्य में उपमा से चार -चाँद लग जाते हैं | ऐसे में सावन की चंचलता , अल्हड़ता , …
गुरु पूर्णिमा : गुरूजी हम बादल तुम चन्द्र
गुरु पूर्णिमा एक ऐसा त्यौहार है | जब हम अपना स्नेह गुरु के प्रति व्यक्त कर सकते हैं | …
आखिर निर्णय लेने से घबराते क्यों हैं ?
सुनिए , आज मीरा के घर पार्टी में जाना है , मैं कौन सी साड़ी पहनूँ | …
जिंदगी दो कदम आगे एक कदम पीछे
जिंदगी के छोटे –छोटे सूत्र कहीं ढूँढने नहीं पड़ते वो हमारे आस –पास ही होते हैं पर हम उन्हें नज़रअंदाज …
गीत सम्राट कवि नीरज जी के प्रति श्रद्धांजलि
४ जनवरी १९२५ को इटावा में जन्मे हर दिल अजीज गीत सम्राट गोपाल दास सक्सेना “नीरज ” …. जिन्हें हम …
बॉर्डर वाली साड़ी
बेटियाँ पराया धन होती हैं | मायके पर उनका अधिकार शादी के बाद खत्म हो जाता है …. लेने का …
जीवन के स्पीड ब्रेकर
मुझे एक विवाह समारोह में जाना है | कार आगे बढ़ रही है | और मेरे विचार मुझे स्मृतियों में …
डॉन्ट डिस्टर्व मी
घर और बाहर दोहरी जिन्दगी जीने वालों के चेहरे , चल , चरित्र और सोच भी …
सुई बन , कैंची मत बन……
कहते हैं कि माँ की हर बात में शिक्षा होती है | ये कविता आभा जी ने अपनी माँ की …
मैं , महेंद्र सिंह धोनी , क्रिकेट और बच्चों का कैरियर
अगर आप जीवन में कुछ करना चाहते हैं , कुछ बनना चाहते हैं तो आपको बहुत पढाई करनी होगी | …
मंदिर-मस्जिद और चिड़िया
सारे धर्म भले ही बाँटने की कोशिश करें पर हवा , पानी , खशबू , जीव जंतुओं को कौन बाँट …
पुर्नस्थापन
तुलसी मात्र एक पौधा ही नहीं है वो हमारी संस्कृति और भावनाओं का प्रतीक भी है जिसका पुनर्स्थापन जरूरी है …
क्वार्टर नम्बर तेइस
माँ और तीनों बहनों की हँसी अशोक ने बाहर से ही सुन ली| हमेशा की तरह इस बार भी हँसी …
पिता को याद करते हुए -अपर्णा परवीन कुमार की कवितायें
बेटी का अपने पिता से बहुत मीठा सा रिश्ता होता है | पिता बेटियों से कितने सुख -दुःख साझा करते …