लेखिका

किसी भी काम को तुरंत सफलता नहीं मिलती ,  खासकर अगर वो कोई रचनात्मक काम है | लेखन ऐसा ही …

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जन्म

अपने माता -पिता से किशोर होते बच्चों का स्वाभाविक प्रश्न होता है , ” मेरा जन्म कैसे हुआ ?” पहले …

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आखिरी दिन

कहते हैं “ब्रह्म सत्य जगत मिथ्या “| जीवन के आखिर दिन ये सपना टूट जाना है | प्रश्न ये भी …

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मेकअप

हमारा व्यक्तित्व बाह्य और आंतरिक रूप दोनों से मिलकर बना होता है | परंतु लोगों की दृष्टि पहले बाह्य रूप …

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बेबसी

बुढ़ापा हमेशा से बेबस होता है , उसकी ये बेबसी उसकी संतान के लिए अपनी बात मनवाने का जरिया बन …

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चुप

यूँ तो चुप रह जाना आम बात है | ये चुप्पी हमेशा इसलिए नहीं होती कि कहने को कुछ नहीं …

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