पालने में पूत के पैर
यूँ तो ये एक कहावत ही है कि पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते हैं , अर्थात नन्हा …
चुने सही रिश्ते
जब आप सब्जी लेती है तो एक -एक आलू या भिन्डी घंटो चुनती/चुनते है , ठीक नहीं लगती तो अगली …
जीवन की परीक्षा
परीक्षा चाहें जीवन की हो या स्कूल की अपनि क्षमता का प्रतिशत तो हम सब सुधारना ही चाहते हैं … …
भविष्य का पुरुष
एक शब्द है संस्कार … ये कहने को तो महज एक शब्द है पर इस पर किसी व्यक्ति का सारा …
होलिका दहन : अपराध नहीं , लोकतंत्र का उत्सव
फोटो क्रेडिट -भारती वर्मा बौड़ाई होलिका दहन कर को आजकल स्त्री विरोधी घोषित करने का प्रयास हो रहा है | …
गुझिया -अपनेपन की मिठास व् परंपरा का संगम
फोटो क्रेडिट –www.shutterstock.com रंगों के त्यौहार होली से रंगों के बाद जो चीज सबसे ज्यादा जुडी है , वो है …
मेरी दुल्हन
लाली -लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया … नयी नयी दुल्हन का क्रेज ही कुछ ज्यादा होता है | सोचने …
ग्वालियर : एक यात्रा अपनेपन की तलाश में
जिस शहर में क़रीब 50 साल पहले नव वधु के रूप में आई थी उसी शहर में हम कुछ दिन पहले,परिवार ही नहीं …
सर्फ एक्सेल होली का विज्ञापन – एक पड़ताल
फोटो क्रेडिट -thelallantop.com सर्फ एक्सेल वर्षों से जो विज्ञापन बना रही है उसका मुख्य बिंदु रहता है “दाग अच्छे है …
चाँद पिता की लाडली
चाँद पिता की लाडली दोहों में लिखी कविता है | दोहे हिंदी साहित्य की एक लोकप्रिय विधा है |यह मात्रिक …