सखि , देखो तो , वसन्त आया
सखि , देखो तो , वसन्त आया नव द्रुम , नव पल्लव , नव सुगन्ध चहुँ दिशि मधु – उसव …
अब चैन से सोऊंगी
तुम्हारा आना तुम्हारा होना मेरा पूर्णता का द्योतक तुम प्रेम हो इससे इतर मैं सम्मान क्या जोहूंगी | कियें अास …
सावधानी की सीख
होली की छुट्टी मे अतुल को घर आना था। बीमार मां को होली के त्योहार मे गुझिया बनानी पडेगी! इससे …
क्या हम बच्चों में रचनात्मकता विकसित कर रहे हैं ?
अभी कुछ दिन पहले एप्पल के co-founder Wozniak ने भारत के बारे में ट्वीट किया कि भारत में सफलता का …
बुजुर्गों की की अधीरता का जिम्मेवार कौन?
ये सच है कि समाज बदल रहा है, इस बदलते समाज का दंड यूँ तो हर वे को भोगना पड़ …
ब्रांडेड का बुखार
सिर्फ ऋतुएं ही नहीं बदलती | ऋतुओ की तरह जमाने भी बदलते हैं | यह चक्र यूँहीं चलता रहता है …
अप्रैल फूल – याद रहेगा होटल का वो डिनर
अप्रैल फूल है तो आयातित त्यौहार पर हम भारतीय भी अपने जीवन में हास्य और रोमांच जोड़ने के लिए इसे …
खुद को अतिव्यस्त दिखाने का मनोरोग
और क्या चल रहा है आजकल .? क्या बताये मरने की भी फुरसत नहीं, और आपका, यही …
जाने कितनी सारी बातें मैं कहते कहते रह जाती हूँ
लफ्जों को समझदारी में लपेट कर निगल जाती हूँ जाने कितनी सारी बातें मैं कहते कहते रह जाती हूँ । …