темп на довгому трейловому підйомі

सामर्थ्य

होलाड़ली मेंसामर्थ्य इतनाउड़े ऊँची उड़ानअपने जिये सपनों के लिएतो चलेंउसके साथबिना किसी शर्त केऊबड़-खाबड़,पथरीलेरास्तों पर भीकरेअन्याय कासामना स्वयंदे दोषियों को …

Read more

Share on Social Media

ज़रूरतें

गिनते हुए ज़रूरतें वो निकला घर से हड़बड़ाता ,बड़बड़ाता गिड़गिड़ाता ! वो निम्न मध्यम वर्गीय जीव ! बहुतायत में पायी …

Read more

Share on Social Media

प्यार का चाँद

करवा चौथ की सभी व्रती महिलाओ के प्यार की एक खूबसूरत कविता—- (प्यार का चाँद) हमने पाया है तुममे अपने …

Read more

Share on Social Media

गाँधी

किताबोंफ़ोटो मेंड्राइंगरूमओफिसों में हीबचें हैं गाँधीनहीं हैं तो बससबके दिलों में नहीं हैंशिक्षाएँ उनकीपुस्तकालयों,भाषणों मेंक़ैद हैचरख़ाम्यूज़ियम मेंजब उन्हेंजगाना होगागाँधी जयंती …

Read more

Share on Social Media

हे! राम

आज एक बड़ा तबका बहुत मौन है——- नही बताना चाहता वे किसी को कि गाँधी कौन है? हिंसा गोड़से की …

Read more

Share on Social Media

अन्तराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कविता – मैं वृद्धाश्रम में हूँ

मैंवृद्धाश्रम में हूँपर दुखी नहीं हूँअपने समवयस्कों के साथमिल करगति देती हूँदैनिक कार्यों कोयहाँ सबबाँटते हैं एक साथअपने सुखधूप में …

Read more

Share on Social Media

जुलाहा हूँ

रंगनाथ द्विवेदी। जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)। मै पंडित नही———— तेरी मस्जिद का अजा़न, और तेरी बस्ती का जुलाहा हूँ। देख लेता हूँ सारे …

Read more

Share on Social Media

जापानी तेल लगाओ—-राधे माँ

रचयिता—-रंगनाथ द्विवेदी। जौनपुर(उत्तर-प्रदेश) तुम भी अब स्वर्ण-भस्म और शीलाजीत सी——- कोई दवाई खाओ—राधे माँ। बर्दाश्त नही हो रहा आशाराम और …

Read more

Share on Social Media
error:

जिस तरह एक स्वस्थ रिश्ते की नींव आपसी विश्वास और समझदारी पर टिकी होती है, उसी तरह परिवार की आर्थिक सेहत के लिए भी सूचित और सतर्क फ़ैसले ज़रूरी हैं। डिजिटल युग में नए-नए वित्तीय विकल्प लगातार उभर रहे हैं, और जो लोग इनकी बारीकियों को समझना चाहते हैं, वे अक्सर bitcoin sázení जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी पढ़ते हैं। हालाँकि, यह कभी न भूलें कि सट्टेबाज़ी में हमेशा जोखिम शामिल होता है और इसे कभी भी आय या पैसा कमाने के भरोसेमंद साधन के रूप में नहीं देखना चाहिए — बेहतर यही है कि ऐसे विकल्पों में केवल उतना ही शामिल हों, जितना आप खोने का खर्च उठा सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर किसी जानकार से सलाह ज़रूर लें।