वंदना बाजपेयी
सुने अपने अंत : प्रेरणा की आवाज़
अपनी अंत : प्रेरणा से निर्णय लें | तब आप की गलतियाँ आपकी अपनी होंगीं , न की किसी और …
भाग्य बड़ा की कर्म
“ भाग्य बड़ा है या कर्म “ ये एक ऐसा प्रश्न है जिसका सामना हम रोजाना की जिन्दगी में करते …
अच्छा सोंचो … अच्छा ही होगा
वो देखो प्राची पर फ़ैल रहा है उजास दूर क्षितज से चल् पड़ा है नव जीवन रथ एक टुकड़ा धूप …
सबसे सुंदर दिखने की दौड़ – आखिर हल क्या है?
आप के सामने आज का अखबार पड़ा है | हत्या मार –पीट डकैती की खबरों पर उडती –उडती नज़र …
एंजिलिना जोली सिंड्रोम – सेहत के जूनून की हद
एक आम घर का दृश्य देखिये | पूरा परिवार खाने की मेज पर बैठा है | सब्जी रायता , चपाती …
फेसबुक और महिला लेखन
कितनी कवितायें भाप बन कर उड़ गयी थी उबलती चाय के साथ कितनी मिल गयी आपस में मसालदान में नमक …
ईद मुबारक ~सेवइयों की मिठास
पतिदेव को टूर पर जाना था | मैं सामान पैक करने में जुटी थी और ये जनाब टी वी देखने …
आरोप –प्रत्यारोप : बेवजह के विवादों में न खोये रिश्तों की खुशबू
कहते हैं जहाँ प्यार है वहां तकरार भी है | दोनों का चोली –दामन का साथ है | ऐसे में …
स्त्री देह और बाजारवाद
बाजारवाद ने सदा से स्त्री को केवल देह ही समझा | पुरुषों के दाढ़ी बनाने के ब्लेड ,शेविंग क्रीम , …
इमोशनल ट्रिगर्स –क्यों चुभ जाती है इत्ती सी बात
ज्ञान वह क्षमता है जिससे हम अपने गहरे दर्द भरे घाव को भर सकें हाय फ्रेंड्स मैं मीरा | …
खिलो बच्चो , की मेरे सपनों की कैद से आज़ाद हो तुम्हारे सपने
ये जिंदगी हमेशा नहीं रहने वाली है | वो क्षण जो अभी आपके हाथ में सितारे की तरह चमक रहा …
गहरा दुःख : आओ बाँट ले दर्द शब्दों से परे
सबसे पीड़ादायक वो ” गुड बाय ” होते हैं जो कभी कहे नहीं जाते और न ही कभी उनकी व्याख्या …
वो पहला खत
बचपन में एक गाना अक्सर सुनते थे “लिखे जो खत तुझे वो तेरी याद में हज़ारों रंग के सितारे बन …
जब मोटिवेशन ,डीमोटिवेट करें – मुझे डिफेंसिव पेसिमिज्म से सफलता मिली
जो आशावादी था उसने हवाई जहाज बनाया , जो डिफेंसिव पेसिमिस्ट था उसने पैराशूट बनाया | दोनों ही सफल हैं …
बहू और बेटी
वो बेटी ही थी | और शादी के बाद बहू बन गयी | • सर पर पल्ला रखो ~ अब …
स्ट्रेस ईटिंग डिसऑर्डर – जब आप खाना खा रहे हो और खाना आपको
कई बार तब हम भोजन में अपनी समस्याओं का समाधान ढूँढने लगते हैं जब भावनाएं हमें खा रही होती हैं …
मदर्स डे पर विशेष- प्रिय बेटे सौरभ
एक माँ का पत्र बेटे के नाम प्रिय बेटे सौरभ , आज तुम पूरे एक साल के हो …